काठमांडू। नेपाल सरकार ने दस अपै्रल को होने वाले चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। देश में चुनाव पूर्व हिंसक घटनाएं जारी हैं और शुक्रवार को कुल पांच जगह विस्फोट हुए। इस बीच नेपाली नेताओं ने माओवादी नेता प्रचंड को सोच-समझकर बोलने की नसीहत दी है।
गृह सचिव उमेश प्रसाद मैनाली ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से मतदान केंद्रों पर सात से 25 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। वे संचार उपकरण और हथियारों से लैस होंगे। संवेदनशील जिलों में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें गश्त करेंगी। एमआई 17 हेलीकाप्टरों के सहारे हवाई गश्त की जाएगी। चुनावों के दौरान भारत-नेपाल सीमा को तीन दिनों तक बंद करने के लिए भारत के साथ एक समझौता किया गया है। चुनाव अधिकारियों ने काठमांडू के होटलों समेत पड़ोसी जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब बेचने पर एक हफ्ते के लिए पाबंदी लगा दी है। इस बीच वीरगंज में नेपाली कांग्रेस के एक उम्मीदवार के घर पर बम से हमला हुआ। विस्फोट की एक अन्य घटना में पांच लोग घायल हो गए। शाम को राजधानी में एक के बाद एक तीन बम विस्फोट हुए। इन विस्फोटो में कोई घायल नहीं हुआ। नेपाल के शांति एवं पुनर्निर्माण मंत्री राम चंद्र ने संकेत दिए हैं कि यदि हिंसक घटनाएं नहीं रुकीं तो शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है। वहीं नेपाल के एक शीर्ष नेता ने माओवादी नेता प्रचंड को यह कहते हुए चुप रहने की नसीहत दी है कि वे हर जगह साजिश की बू न सूंघा करें। प्रचंड ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक चुनावों में उनकी पार्टी की हार के लिए कार्य कर सकते हैं। कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल-यूएमएल नेता माधव कुमार ने कहा कि प्रचंड जिम्मेदार नेता की तरह बोला करें। वहीं प्रचंड के अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को गांधी जैसा बनने की नसीहत पर कटाक्ष करते हुए नेपाली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुशील कोईराला ने कहा है कि माओवादी यदि चुनाव में जीत चाहते हैं तो उन्हें सही मायने में गांधी बनना होगा।