
इस्लामाबाद। तालिबान आतंकियों ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत तारिक अजीजुद्दीन को रिहा कर दिया है। अजीजुद्दीन का तीन महीने पहले पाकिस्तान के कबायली इलाके खैबर से अपहरण कर लिया गया था। माना जा रहा है कि अजीजुद्दीन की रिहाई सरकार और स्थानीय तालिबान नेताओं के बीच कई दौर की गोपनीय बातचीत के बाद संभव हो सकी है।
पाकिस्तान के टीवी चैनलों ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि अजीजुद्दीन को अफगानिस्तान में रिहा कर दिया गया है। टीवी चैनलों ने अजीजुद्दीन के एक रिश्तेदार के हवाले से कहा कि वह जल्द ही इस्लामाबाद में अपने परिवार के पास लौट आएंगे।
अजीजुद्दीन का 11 फरवरी को उस वक्त अपहरण कर लिया गया था जब वह काबुल से खैबर होते हुए अपने घर पेशावर आ रहे थे। राजदूत के साथ उनके ड्राइवर और एक सुरक्षा अधिकारी का भी अपहरण कर लिया गया था। अजीजुद्दीन की रिहाई को पाकिस्तान सरकार और कबायली इलाके में सक्रिय आतंकियों के बीच समझौते की कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके तहत ही हाल में पाकिस्तानी अधिकारियों और तालिबान ने कैदियों को रिहा किया। खबर है कि 55 सुरक्षा अधिकारियों के बदले में तालिबान के 18 लोगों को रिहा किया गया।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक तालिबान ने राजदूत की रिहाई के बदले जेल में बंद कई आतंकियों को रिहा करने की मांग की थी। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या में शामिल संदिग्ध आतंकियों के शामिल होने की बात भी की गई थी। रिहाई इस शर्त को मानने के बाद हुई है या नहीं, इस बारे में अभी कोई खबर नहीं है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान की सीमा से लगा पाकिस्तान का कबीलाई इलाका तस्करों और अराजक तत्वों का गढ़ बन गया है। माना जाता है कि अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं द्वारा अफगानिस्तान से खदेड़े जाने के बाद अलकायदा और तालिबान के आतंकियों ने इसी इलाके में पनाह ले रखी है। इलाके में अपहरण की घटनाएं आम बात है।