
इस्लामाबाद। पाकिस्तान अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत भेजने पर विचार कर रहा है। इसे मुंबई पर हुए आतंकी हमलों की जांच में आगे बढ़ने के इशारे के तौर पर देखा जा रहा है। इन हमलों के लिए भारत ने पाकिस्तान में बसे तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है।
पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधिमंडल को यथाशीघ्र भारत भेजने के संबंध में सोमवार को औपचारिक तौर पर पेशकश की थी। यह पेशकश मुंबई पर हुए आतंकी हमले के संबंध में भारत की ओर से भेजे गए डेमाश का जवाब देते हुए की गई थी।
अपने जवाब में पाकिस्तान ने माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम समेत तीन आतंकियों और एक अपराधी को भारत को सौंपने से भी इंकार कर दिया। कूटनयिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने मुंबई पर हुए हमलों की जांच आगे बढ़ाने के लिए सबूत और सूचना इकट्ठा करने के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को भारत भेजने की इच्छा जताई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी या एक शीर्ष अधिकारी यथा महमूद अली दुर्रानी कर सकते हैं। दुर्रानी राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर प्रधानमंत्री गिलानी के सलाहकार हैं।
ईद की नमाज के बाद अपने गृह नगर मुल्तान में संवाददाताओं से बातचीत में कुरैशी ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह भारत जाएंगे ताकि भारत के समक्ष पाकिस्तान के रुख को स्पष्ट कर सकें।
सूत्रों ने बताया कि यात्रा के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है और पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय प्रतिनिधिमंडल भेजने के प्रस्ताव पर भारत के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है।
प्रतिनिधिमंडल भेजने का प्रस्ताव पाकिस्तान द्वारा लश्कर-ए-तैयबा समेत प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बाद आया। मुंबई पर हुए आतंकी हमलों में लश्कर का हाथ माना जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई हमलों के कथित मुख्य सरगना एवं लश्कर कमांडर जकीउर रहमान लखवी समेत 20 से अधिक आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है।