मानवता पहले, शरीया बाद में

 
May 05, 05:48 pm

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक युवती ने एक लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर एक समूह तैयार किया है जो तालिबान का विरोध कर रहा है।

यह समूह देश में इस्लामी कानून लागू करने की आतंकियों की मांग और उनकी गतिविधियों में आई तेजी की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया है। फेसबुक में 'ए वायस अगेन्स्ट शरीया अपोलोजिस्ट' में लिखे एक परिचय नोट मे कहा गया है 'यह समूह आधिकारिक तौर पर उन सभी राजनीतिक गतिविधियों का विरोध करता है जो तालिबान, शरीया अदालतों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन करती हैं। हम पाकिस्तान के करदाता नागरिक हैं और तालिबान का विरोध करते हैं।' तजीन जाय द्वारा बनाए गए इस समूह में अब तक 425 पाकिस्तानी शामिल हो चुके हैं। तजीन कराची में रहती हैं और ब्लाग लिखती हैं। उनके ब्लाग 'वायसअगेन्स्टशरीयाअपोलोजीस्ट्स डाट काम' का शीर्षक 'पहले इन्सानियत, फिर शरीयत' है।

समूह की सह संस्थापक अस्मा शहाब कहती हैं, 'जितना हो सके, उतने अधिक लोगों को विरोध दर्ज कराने के लिए सक्रिय करना महत्वपूर्ण है।' पिछले माह इस समूह से जुड़े ओवैस कुरैशी ने कहा कि हां, हम पाकिस्तान वापस चाहते हैं। तालिबान नेतृत्व के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन का मामला चलाया जाना चाहिए।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(9) वोट का औसत

average:4.88888889
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित