
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना का गढ़ रावलपिंडी एक माह के अंदर दूसरी बार आतंकी कार्रवाई का शिकार बना। शहर के व्यस्त माल रोड इलाके में सोमवार सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर हुए आत्मघाती धमाके ने 34 लोगों की जान ले ली। धमाके में जख्मी 45 लोगों में से कई की हालत गंभीर है। मृतकों में कुछ सैनिक भी शामिल हैं।
आतंकियों ने पिछले महीने शहर में स्थित सेना मुख्यालय पर हमला बोला था। ताजा धमाका सेना मुख्यालय से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर हुआ। अभी तक किसी संगठन ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन, पाक प्रशासन इसे तहरीक-ए-तालिबान की कारस्तानी मानता है।
माल रोड पर सुबह सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को देखा। उसे रुकने का इशारा किया गया। जब वह नहीं रुका तो सुरक्षा बलों ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उसने खुद को धमाके से उड़ा दिया। धमाका पाकिस्तान के नेशनल बैंक और मशहूर शालीमार होटल के ठीक सामने हुआ। महीने का पहला सप्ताह होने के कारण बैंक में वेतन और पेंशन लेने वालों की भीड़ थी। विस्फोट में मरे व घायल ज्यादातर लोग अपने काम से बैंक आए थे। होटल के अगले हिस्से को भी इस धमाके से काफी नुकसान पहुंचा है। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों में लगे शीशे टूट गए।
प्रत्यक्षदर्शी जाहिद दारा के अनुसार, विस्फोट के बाद भयभीत लोग इधर-उधर भाग रहे थे। विस्फोट ठीक होटल के बाहर हुआ। बगल में ही कई बैंक और ट्रेवल एजेंसियों के दफ्तर हैं। होटल से अपने वाहनों में निकल रहे कई लोग भी धमाके की चपेट में आ गए। विस्फोट के बाद शहर में आपातस्थिति लागू कर दी गई।
10 अक्टूबर को शहर में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में भी 14 लोग मारे गए थे। आतंकियों ने तब 50 से ज्यादा लोगों को बंधक भी बना लिया था। पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से आतंकी हमलों की बाढ़ सी आ गई है। पिछले हफ्ते ही पेशावर में हुए कार बम धमाके में सौ से ज्यादा लोग मारे गए थे।
तालिबान आतंकियों पर इनाम बढ़ाया
इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान के कई सदस्यों पर घोषित इनाम बढ़ा दिया है। तालिबान प्रमुख हकीमुल्ला महसूद समेत संगठन के 19 आतंकियों पर इनामी राशि अब बढ़कर 41 करोड़ रुपये हो गई है। सरकार ने हकीमुल्ला के सिर पर पांच करोड़ रुपये का इनाम रखा है।
सरकार ने इस संबंध में देश के प्रमुख अखबारों के पहले पन्ने पर विज्ञापन दिए हैं। टीवी चैनलों पर भी इसे दिखाया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि जो भी इन आतंकियों के बारे में पुख्ता जानकारी मुहैया कराएगा या उन्हें जिंदा या मृत पकड़ेगा, उसे नकद इनाम दिया जाएगा। जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
हकीमुल्ला के अलावा तालिबान कमांडर मुहम्मद रईस खान महसूद, मौलवी अजमतुल्ला महसूद, मुफ्ती नूर वली महसूद व मुफ्ती नूर सईद के सिर पर दो-दो करोड़ के ईनाम की घोषणा की गई है। अजमतुल्ला बत्तानी, अब्दुल्ला शाह, खान सईद के सिर पर इनाम बढ़ाकर एक-एक करोड़ कर दिया गया है।
सरकारी विज्ञापन में आम जन से अपील की गई है कि बेरहम आतंकी खुदा से भी नहीं डरते। उनकी वजह से दुनिया में मुसलमानों और पाकिस्तान की छवि खराब हो रही है। ऐसे अपराधियों को सजा दिलाने में आप सरकार की मदद कीजिए।