
इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने तहरीक-ए-तालिबान के मुखिया हकीमुल्ला मेहसूद समेत संगठन के 19 आतंकियों के सुराग पर इनामी राशि में इजाफा करते हुए इसे कुल 41 करोड़ करने की घोषणा की है।
सरकार ने ईनाम की घोषणा दैनिक 'द न्यूज' के प्रथम पृष्ठ पर श्वेत-श्याम मे प्रकाशित एक विज्ञापन के माध्यम से की। विज्ञापन को टीवी चैनलों पर भी दिखाया जा रहा है। विज्ञापन के अनुसार हकीमुल्ला मेहसूद, उसके करीबी सहयोगी वलीउर रहमान और कारी हुसैन के सिर पर पांच-पांच करोड़ के ईनाम की घोषणा की गई है।
तालिबानी कमांडरों मोहम्मद रईस खान मेहसूद, मौलवी अजमतुल्ला महसूद, मुफ्ती नूर वली महसूद, मुफ्ती नूर सईद, मौलवी शमीम, अमीरुल्ला, नसीरुद्दीन, शाह फैसल, शेर अजीम और जलील मोहम्मद इस्माइल के सिर पर दो-दो करोड़ के ईनाम की घोषणा की गई है।
आतंकी अजमतुल्ला बत्तानी, अरफेशाहीन, मोहम्मद अनवर कंदापुर, अब्दुल्ला शाह, मौलवी अब्दुल वली और खान सईद के सिर पर एक-एक करोड़ का ईनाम घोषित किया गया है।
विज्ञापन में कहा गया है कि जो कोई भी इन तालिबानी आतंकियों के बारे में ठोस जानकारी उपलब्ध कराएगा या उन्हें जीवित या मृत पकड़ कर लाएगा, उसे नकद ईनाम दिया जाए जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
पाकिस्तानी सेना के दक्षिण वजीरिस्तान के सराओघा, मकीन और लाधा के करीब पहुंचने के साथ ईनामी राशि में इजाफा कर दिया गया है। सेना के सूत्रों ने कहा कि अधिकतर तालिबानी आतंकी सराओघा में छिपे हैं।
उर्दू में प्रकाशित विज्ञापन की शुरूआत कुरान की एक उक्ति से की गई है। विज्ञापन में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान के आतंकी कमांडरों को कठोर दिल वाले लोग बताया गया है जो खुदा से भी नहीं डरते। इसमें कहा गया है कि इन आतंकियों की हरकतें मेहसूद कबीले का नाम खराब करने के साथ दुनिया भर में मुसलमानों और पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। इसके अनुसार इन लोगों को सजा मिलनी चाहिए। ये मानवता के हत्यारे हैं। इन्हें सजा दिलाने में सरकार की मदद कीजिए।