
लंदन। जिहाद का जुनून लोगों के सिर पर इस कदर हावी है कि वो अपने बच्चों को भी इसमें झोंकने पर आमादा हैं। ब्रिटेन में ऐसी ही एक जिहादी महिला को दो साल की सजा सुनाई गई।
मोरक्को में जन्मी होरिया अपने छह बच्चों को भी मानव बम बनाना चाहती है। ब्रिटिश पुलिस ने उसे 'ए मिनी एन्साइक्लोपीडिया आफ वीपन्स मेकिंग [हथियारों बनाने के तरीकों का कोश]' करार दिया है।
पिछले साल अक्टूबर में हालैंड से आते वक्त होरिया को लिवरपूल एयरपोर्ट पर बुर्के में पेन ड्राइव छिपाते हुए गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद उसे रिमांड पर छोड़ दिया गया। लेकिन सोमवार को आतंकियों को महत्वपूर्ण सूचना उपलब्ध कराने का अपराध कुबूलने के बाद ब्रिटिश अदालत ने उसे दो साल कैद की सजा सुनाई है।
41 वर्षीय होरिया के पास ब्रिटेन और हालैंड की नागरिकता है। उसकी पेन ड्राइव में आतंकियों से जुडे़ 7000 दस्तावेज मिले। जबकि उसकी गिरफ्तारी के दौरान हाथ से लिखे दस्तावेज भी बरामद किए गए। उसमें लिखा है, 'मैं और मेरे बच्चे बदला लेना चाहते हैं। अपने धर्म की रक्षा के लिए मुझे अपने बच्चों को भी मानव बम बनाने से कोई गुरेज नहीं है।'
अदालत का कहना है कि अपने परिवार के एक सदस्य की मौत के बाद होरिया के मन में बदला लेने की भावना घर कर गई। इसके चलते उसने कई बार खुद को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उसके घर से मिले कंप्यूटर और लैपटाप से पता लगता है कि वो लंबे समय से लगातार आतंकियों के संपर्क में बनी हुई है। उसके पास से 2005 के लंदन बम धमाकों के आरोपी उमर बाकरी मुहम्मद का फोन नंबर भी बरामद किया गया।