ढाका। एफबीआई से मिली खुफिया सूचना के बाद बांग्लादेश की पुलिस ने देश में बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। बांग्लादेश के दक्षिण पूर्वी शहर चिटगांव से लश्कर ए तैयबा और हुजी से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि ये लोग ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और अमेरिकी दूतावास समेत कई प्रमुख प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे।
इस साजिश के तार हाल ही में अमेरिकी जांच एजेंसी 'एफबीआई' द्वारा शिकागो से गिरफ्तार दो आतंकियों डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा से जुड़े हैं। दोनों ने पूछताछ के दौरान डेनमार्क में एक अखबार के दफ्तर के अलावा भारत और बांग्लादेश समेत कई देशों में आतंकी हमले की साजिश का खुलासा किया।
बांग्लादेश की खुफिया पुलिस ने तीनों आतंकियों को बुधवार रात चिटगांव से गिरफ्तार किया। इनमें से दो की पहचान शहीदुल इस्लाम [26] और अल अमीन उर्फ सैफुल के रूप में हुई है। ये दोनों लश्कर के सदस्य हैं। बांग्लादेश की मीडिया में खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि लश्कर के सदस्यों में से एक भारत और पाकिस्तान का रहने वाला है। दोनों ने हालांकि बांग्लादेशी होने का दावा किया है। तीसरा आतंकी 33 वर्षीय मुफ्ती हारुन इजहार प्रतिबंधित संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल इस्लामी [हुजी] का सदस्य है। वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी [बीएनपी] के कंट्टरपंथी सहयोगी दल इस्लामी ओइकया जोत पार्टी के मुखिया मुफ्ती अजहर का बेटा है।
बांग्लादेश पुलिस की खुफिया इकाई के प्रवक्ता ने आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए कहा कि हमें सूचना मिली थी कि इनकी अमेरिकी दूतावास पर हमले की योजना है। हाल ही में ये लोग इस सिलसिले में बारीधरा इलाके भी गए थे, जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है।' इस खुलासे से दो हफ्ते पहले ही यहां भारतीय उच्चायोग को ई-मेल पर हमले की धमकी मिली थी। इसके बाद भारतीय उच्चायोग और उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।