
मोहनियां (कैमूर)
महाराष्ट्र में इन दिनों जो हो रहा है उसका कोई भी शिक्षित भारतीय समर्थन नहीं कर सकता। हर भारतीय को देश में कहीं भी रहने का अधिकार है। इससे किसी को रोका नहीं जा सकता। उक्त बातें सूबे के पूर्व निबंधन मंत्री सह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजयशंकर दूबे ने शुक्रवार की शाम मोहनियां के कैमूर होटल में आयोजित एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों को बाहरी बताकर मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा उनपर जो जुल्म ढाया जा रहा है। वह काफी शर्मनाक है। मनसे कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के पुणे में भूंजा बेचकर जीवन बसर करने वाले बिहार के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के दुधहा निवासी श्रीकिशुन सिंह का दोनों हाथ काट दिया। श्री दूबे ने कहा कि वे इस घटना का जायजा लेकर पीड़ित से आपबीती सुनी। इस क्रूर घटना से मानवता शर्मसार हुई है। हर भारतीय को देश के किसी हिस्से में जाने, रहने एवं जीविकोपार्जन करने का संवैधानिक अधिकार है। एक गरीब के दोनों हाथ काटे जाने से आहत पूर्व मंत्री ने कहा कि विरोध प्रकट करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल सर्वदा अनुचित है। यह बेहद दुख एवं अफसोस की बात है। उन्होंने पीड़ित एवं ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि वे इस घटना को महाराष्ट्र सरकार, केन्द्र सरकार तथा कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के समक्ष ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि किशुन को न्याय के साथ-साथ जीवन बसर के लिए आर्थिक सहायता दिलवाकर ही वे दम लेंगे। श्री दूबे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं केन्द्र सरकार से राज ठाकरे, बाल ठाकरे तथा मनसे के उत्पाती कार्यकर्ताओं पर कठोर कार्रवाई करने की मांग करेगे। इस प्रकार की जघन्य घटना एवं उत्तर भारतीयों के खिलाफ बयानबाजी राष्ट्रीय अवधारणा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास में उत्तर भारतीयों ने अपने खून पसीने से सराहनीय योगदान किया है। उसे भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रमेश पाण्डेय, प्रदेश प्रतिनिधि अनिल तिवारी सहित अन्य नेतागण मौजूद रहे।