
बोधगया (गया) । त्रैलोक्य बौद्ध महासंघ अंतरराष्ट्रीय परिषद का छह दिवसीय अधिवेशन मंगलवार की देर शाम से महासंघ परिसर में शुरू हुआ। इसमें अमेरिका, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आस्ट्रेलिया व भारत से लगभग 6 सौ धम्मचारी भाग ले रहे हैं। धम्मचारी नागकेतु ने बताया कि उज्ञेन संघरक्षित द्वारा स्थापित त्रैलोक्य बौद्ध महासंघ के अंतरराष्ट्रीय परिषद का अधिवेशन पहली बार बुद्धभूमि पर आयोजित किया गया है। इससे पूर्व अंतरराष्ट्रीय परिषद का अधिवेशन इंगलैंड में होता रहा है। अधिवेशन में महासंघ द्वारा विश्व के विभिन्न देशों में चलाये जा रहे धार्मिक कार्यो की समीक्षा और धम्मचारियों के विचारों का आदान प्रदान होगा। अधिवेशन में धम्मचारी महामति, धम्मचारी सुभूति, धम्मचारी पारमी सहित अन्य की विशेष तौर पर उपस्थिति है। अधिवेशन में शामिल धम्मचारी प्रतिदिन सुबह और शाम विश्वदाय धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर में संचालित विशेष पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि गत रात महासंघ के संस्थापक उज्ञेन संघरक्षित के संदेश को वीडियो विजुअल के माध्यम से धम्मचारियों को दिखाया गया। जिसमें बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया है। साथ ही बुद्धभूमि पर संचालित महासंघ का संस्थापक ने नया नामकरण 'त्रिरत्न केन्द्र' किया है। नया नाम बुद्ध, धर्म और संघ से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि 1 मार्च से महासंघ परिसर में अंतरराष्ट्रीय धम्मक्रांति महाशिविर लगेगा। जिसमें धम्मचारियों के अलावा बौद्ध धर्म के उपासक-उपासिका भी शामिल होंगे।