
गया । मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.एन. पांडेय के खिलाफ लगे आरोपों की जांच गया पुलिस ने सोमवार से शुरू कर दी है। एसपी सुशील खोपडे का कहना है कि यदि प्रारंभिक जांच में कुलपति प्रो. पांडेय के खिलाफ आरोप की पुष्टि होती है तो न्यायालय से उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट निर्गत करने की प्रार्थना की जायेगी। एसपी श्री खोपडे ने बताया कि सोमवार को डीएसपी राजवंश सिंह को जांच के लिए विवि मुख्यालय भेजा गया था। लेकिन विवि मुख्यालय में एक भी पदाधिकारी नहीं मिले। एसपी ने कहा कि डीएसपी ने संबंधित विभाग के कर्मचारी का बयान लिया है। एसपी श्री खोपडे ने कहा कि इस सप्ताह के अंत तक गया पुलिस कुलपति प्रो. पांडेय के खिलाफ लगे आरोप की प्रारंभिक जांच कर लेगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो प्रो. पांडेय की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट ली जा सकती है। यहां यह बता दे कि मगध प्रमंडल के तत्कालीन आयुक्त डा. कर्रा परशु रामय्या ने कुलपति प्रो. पांडेय के खिलाफ पिछले साल विभिन्न कालेज व विवि मुख्यालय में तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की अवैध नियुक्ति करने का आरोप लगाते हुए अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी। मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव के.के. पाठक ने आयुक्त डा. रामय्या की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए क्षेत्रिय उप शिक्षा निदेशक प्रकाश रंजन कुमार को कुलपति प्रो. पांडेय के खिलाफ विवि थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया। भादवि के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 29 अगस्त को विवि थाना में कांड संख्या 59/09 दर्ज की गयी है।