
सहरसा। बचपन बचाओें आंदोलन के तत्वावधान में बाल मित्र गांव सिटानाबाद के बच्चों ने दीपावली के मौके पर पटाखे का विरोध करने का निर्णय लिया है। इन बच्चों ने गुरुवार को आयोजित गोष्ठी में पटाखे उद्योगों से बच्चों की मुक्ति तक किसी भी दीपावली में पटाखा नहीं छोड़ने का निर्णय लिया है।
बच्चों को संबोधित करते हुए बचपन बचाओं आंदोलन के प्रदेश पुनर्वास संयोजक घुरण महतो ने कहा कि तमिलनाडु के पटाखा उद्योग में हजारों बच्चे अपना बचपन बेच रहे हैं। उनकी आजादी माफियाओं ने छीन ली है। एक तरफ इन बच्चों का जीवन बारूद में बर्बाद हो रहा है और दूसरी ओर देश की सत्ता पर बैठे लोगों के बच्चे उस पटाखे से मौज मस्ती कर रहे हैं। बचपन बचाओ आंदोलन के प्रभारी समन्वयक मुकेश कुमार एवं ननिता कुमारी ने भी समाज में हो रहे अन्याय के विरोध में पटाखा का विरोध करने का आह्वान किया। इस मौके पर बच्चों ने पटाखे पर पानी डालकर इसका विरोध किया। भाषण प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। इस मौके पर जवाहर दास, रंजीत कुमार राय, सहदेव मुखिया आदि मौजूद थे।