
आरा उर्दू व हिन्दी साहित्य में खास मुकाम रखनेवाले मशहूर शायर सैयद साबिर हुसैन उर्फ साबिर आरवी के निधन पर स्थानीय महादेवा स्थित बड़ा इमामबाड़ा में एक शोकसभा आयोजित की गयी। शोकसभा ने वक्ताओं ने स्व. साबिर आरवी के साहित्य जगत में योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य वक्ता बिहार शिया वक्फ बोर्ड के प्रशासक मौलाना सैयद अमानत हुसैन कहा कि लायन्स क्लब और अन्य साहित्यिक संस्थानों से जुडे़ स्व. आरवी कवि सम्मेलनों व मुशायरे की जान थे। शांति निकेतन (प. बंगाल) के रीडर डा. एजाज हुसैन ने कहा कि स्व. आरवी की पुस्तक 'सरमाया-ए-अहसास' के लिए बिहार उर्दू अकादमी और कविता संग्रह 'रूप और धूप' के लिए भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता से पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन सैयद ताहिर हुसैन ने किया। इनके अलावे शायर डा. कलीम अजीज, दिनेश आनंद ने भी विचार प्रकट किये। इस अवसर पर सौरभ आनंद, रजी अहमद, मिर्जा कलीम, सैयर वकार हुसैन, सैयद रेजाज हुसैन, यावर हुसैन, सैयद काजिम हुसैन, सैयद नाजिम हुसैन, जमाल युसुफ, सैयद हसनैन आदि उपस्थित थे।