
पूर्वी दिल्ली, जागरण संवाददाता : अक्षरधाम सेतु सिग्नल फ्री योजना में हो रही देरी ने डीडीए के अधिकारियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अधिकारी अब इसलिए भी चिंतित हैं कि राष्ट्रमडल खेलों से पहले इस योजना को पूरा किया जाना कठिन होता जा रहा है। क्योंकि अब तक इस योजना को शुरू भी नहीं किया जा सका है और इसके शुरू होने में ही अभी कई पेंच हैं।
सही मायनों में अक्षरधाम सेतु को सिग्नल फ्री करने की योजना डीडीए के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा था कि एक माह पहले प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद स्वीकृत योजना को ही बदल दिया गया। अब दुबारा योजना की ड्राइंग पास कराने के लिए अधिकारी भाग दौड़ कर रहे हैं। इस योजना में काफी बदलाव हो चुके हैं। इस योजना के अब जिस ड्राइंग पर काम चल रहा है, उसके अनुसार अक्षरधाम मंदिर की ओर अब क्लोवरलीफ नहीं बनेगा। वहीं इस योजना को लेकर एक बड़ा मुद्दा अब भी खड़ा है कि उत्तर प्रदेश की जिस जमीन पर योजना का काफी काम होना है, वह अब तक डीडीए को नहीं मिली है। इस मुद्दे पर डीडीए में अब मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई चल रही है, लेकिन कार्रवाई अभी भी कागजों में ही है। क्योंकि अभी भी जमीन मिलने के बारे में उत्तर प्रदेश की ओर से ऐसा कोई आश्वासन नहीं मिला है।
ज्ञात हो कि इस फ्लाईओवर को सिग्नल फ्री करने की योजना राष्ट्रमडल खेलों से संबंधित डीडीए की उन योजनाओं में शामिल है जिसे इन खेलों से पहले पूरा किया जाना है। जहां योजना पर काम किया जाना है इससे आधा किलोमीटर दूर ही खेलगांव बन रहा है। इसलिए यह योजना और भी महत्वपूर्ण हो गई है। लेकिन योजना अब तक धरातल पर नहीं आ सकी है।