
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : ट्रांसको के पर्याप्त बिजली उपलब्धता व जल बोर्ड के पर्याप्त जल उत्पादन के तमाम दावों के बावजूद राजधानी के विभिन्न हिस्सों में बिजली-पानी संकट जारी है। तकनीकी खराबी से जहां घंटों लंबी बिजली कटौती हो रही है, वहीं कई इलाकों में लोग पेयजल को तरस गए हैं।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 3,435 मेगावाट दर्ज की गई। ट्रांसको की मानें तो मांग के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। कहीं कोई कटौती नहीं हुई। जबकि हकीकत यह है कि शुक्रवार को भी दर्जनों इलाकों में बिजली गुल हुई। कहीं फीडर ट्रिपिंग के कारण तो कहीं केबल जलने के कारण। कई स्थानों पर ब्रेकडाउन की समस्या भी आई।
बिजली कटौती से प्रभावित इलाकों में जहांगीरपुरी, मंगोलपुरी, नांगलोई, बवाना, नजफगढ़, मोहन गार्डन, आजादपुर, समयपुर बादली, भजनपुरा, सीलमपुर, खजूरी खास, मयूर विहार फेज तीन, त्रिलोकपुरी, पांडव नगर, मंडावली, दक्षिणपुरी, गोविंदपुरी एक्सटेंशन, मदनगीर एवं डा. अंबेडकर नगर आदि शामिल हैं।
दूसरी तरफ जलसंकट को लेकर भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिली। हालांकि उन इलाकों में जलापूर्ति में थोड़ा सुधार हुआ जहां यमुना का जलस्तर घटने और वजीराबाद एवं चंद्रावल संयंत्रों का जल उत्पादन गिरने से संकट चल रहा था, लेकिन ऐसे दर्जनों इलाकों में अब भी कोई सुधार नहीं है जहां जलापूर्ति का मुख्य साधन टैंकर हैं। फोन करने पर भी टैंकर नहीं पहुंचते। ऐसे इलाकों में उत्तम नगर, पालम, संगम विहार, विकासपुरी, नजफगढ़, बदरपुर, तुगलकाबाद, सीमापुरी, गिरीनगर, शाहबाद डेरी, सुल्तानपुरी, अलीपुर, घेवरा, कराला, वजीरपुर जेजे कालोनी, रानी बाग एवं तरुण एंक्लेव आदि शामिल हैं।