
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सीलिंग के मुद्दे पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि नगर निगम सीलिंग के मामले में 'पिक एंड चूज' की नीति अपना रहा है। नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राजनिवास का दरवाजा भी खटखटाया। वहीं उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री एवं शहरी विकास मंत्री को पत्र लिख कर निगम के रवैये की शिकायत की है।
काफी समय से सीलिंग का भूत कांग्रेस और भाजपा को परेशान कर रहा है। सीलिंग अभियान के दौरान नगर निगम के पक्षपातपूर्ण रवैये के विरोध में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित शुक्रवार को उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना से मिलीं। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी सीलिंग के नाम पर उन व्यावसायिक इमारतों में प्रवेश कर रहे हैं, जिन्हें 2021 के मास्टर प्लान के तहत छूट दी जा चुकी है। छोटे दुकानदारों के साथ भी ऐसा ही किया जा रहा है। उन्होंने उपराज्यपाल से कहा कि सीलिंग के दौरान निगम दस्ते के कर्मचारी लोगों से बेहद अप्रासंगिक प्रश्न पूछ रहे हैं जिससे अधिकांश मामलों में अप्रिय स्थिति बन रही है।
मुख्यमंत्री दीक्षित उपराज्यपाल के साथ लगभग एक घंटे तक रहीं। इसके बाद उपराज्यपाल ने सीलिंग के लिए निर्धारित प्रक्रिया का उल्लघंन करने और छोटे दुकानदारों के घरों में प्रवेश करते पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को पत्र भी लिखा है।