
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : राजधानीवासियों को सोमवार को भी जलसंकट व बिजली कटौती से राहत नहीं मिली। इसके अलावा विभिन्न इलाकों में लोगों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा।
ज्ञात हो कि पानी की कमी से विभिन्न राज्यों के पनबिजली संयंत्र ठप हैं, वहीं तकनीकी खराबी से राजधानी के गैस टरबाइन, राजघाट, आईपी संयंत्र, बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन और प्रगति पावर जैसे ऊर्जा संयंत्र भी क्षमता से कम उत्पादन कर रहे हैं। इससे ग्रिड एवं नेटवर्क में भी जब-तब ट्रिपिंग हो जाती है।
इधर, दिल्ली सरकार के अनुसार सोमवार को बिजली आपूर्ति पूर्ण नियंत्रण में रही, जबकि सच्चाई यह है कि देहात, पुनर्वास कालोनियों और पूर्वी-पश्चिमी दिल्ली के लोग बिजली कटौती से खासे परेशान रहे। मालूम हो कि सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 3,345 मेगावाट रिकार्ड की गई।
दूसरी तरफ जलसंकट को लेकर भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिली। उत्तम नगर, पालम, संगम विहार, विकासपुरी, नजफगढ़, बदरपुर, तुगलकाबाद, सीमापुरी, गिरी नगर, शाहबाद डेरी, सुल्तानपुरी, अलीपुर, घेवरा, कराला, वजीरपुर जेजे कालोनी, रानी बाग एवं तरुण एंक्लेव इलाकों में लोगों को जलसंकट झेलना पड़ा।
एनडीपीएल ने एटी एंड सी घाटा 18.5 प्रतिशत तक घटाया : नार्थ दिल्ली पावर लिमिटेड कंपनी ने एटी एंड सी लॉस 23.8 प्रतिशत से 18.5 प्रतिशत तक लाने में सफलता हासिल की है। कंपनी का दावा है कि आने वाले वर्षो में इस सफलता का प्रतिफल कंपनी के उप भोक्ताओं को भी मिलेगा।
एनडीपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिका री सुनील वाधवा ने बताया कि जुलाई 02 में जब राजधानी की विद्युत व्यवस्था का निजीकरण किया गया था तो एटी एंड सी लॉस का आंकड़ा 53 प्रतिशत तक था। महज छह सालों में इसे कम करके 18.5 प्रतिशत तक लाना निश्चय ही बड़ी उपलब्धि है।