
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : दिल्ली विश्वविद्यालय देश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय बन गया है जहां पर छात्र-छात्राओं की दुघर्टना में मौत होने पर उनके परिजनों को एक लाख रूपए का मुआवजा मिलेगा। जी हां, दिल्ली विवि प्रशासन इस साल से ही छात्र-छात्राओं की दुघर्टना में मौत या सौ फीसदी विकलांग होने पर उनके परिजनों को एक लाख का मुआवजा देगा। मुआवजा देते समय इंश्योरेंस कंपनियों के मुआवजा देने की व्यवस्था का भी पूरा पालन किया जाएगा।
ज्ञात हो कि दिल्ली विवि के कालेजों में स्नातक और पीजी में कई राज्यों के तीन लाख से भी अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें एनआरआई छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। दिल्ली में वाहनों की चपेट में आने वाले छात्र-छात्राओं के प्रति सहानुभूति रखते हुए डीयू प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था कर जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक लाख का मुआवजा देने की घोषणा कर अनुकरणीय पहल की है। डीयू के स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रो. एसके विज ने बताया कि मुआवजे को इसी साल से लागू भी कर दिया गया है। इस योजना से ऐसे छात्र-छात्राओं को बाहर रखा गया है जो शराब पीकर या यातायात नियमों को तोड़ते हुए वाहन चलाते समय दुर्घटना के शिकार हुए व जान गवां दी। उन्होंने बताया कि सौ फीसदी विकलांगता वाले छात्र-छात्राओं को भी मुआवजा की श्रेणी में रखा गया है।