
विभूति कुमार रस्तोगी, नई दिल्ली
केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में 27 फीसदी ओबीसी कोटा लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीयू प्रशासन ने आरक्षण को लागू करने के मामले पर अपना रुख साफ कर दिया है। आईआईटी सरीखे संस्थान पहले ही इस मामले पर अपना रुख साफ कर चुके हैं। डीयू प्रशासन ने सभी कालेजों में पहले साल 27 फीसदी में से 18 फीसदी आरक्षण लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली विवि प्रशासन ने हाल ही में इस बाबत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीयू में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को कैसे और किस स्वरूप में लागू किया जाए। मानव संसाधन विकास मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब डीयू प्रशासन हरकत में आ गया है।
दिल्ली विवि के स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रो. एसके विज ने बताया कि इस बाबत कुछ दिन पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखा गया था। इसके संदर्भ में मंत्रालय से दिशा-निर्देश डीयू प्रशासन को मिल गए हैं। प्रो. विज ने बताया कि ओबीसी आरक्षण लागू होने के पहले साल 18 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई हैं। सभी कालेजों को इस बाबत निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं जिसमें आरक्षण से जुड़ी सभी बातों को विस्तार से बताया जा रहा है ताकि नामांकन के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत पैदा न हो। काउंसलिंग के जरिये ओबीसी छात्रों को आरक्षण से संबंधित जानकारियां भी दी जाएंगी। क्रीमीलेयर के बारे में सभी जानकारी प्रवेश सूचना पत्र में निहित होगी।
ज्ञात हो कि दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर के करीब 70 कालेजों में हर साल 35 हजार के करीब छात्र-छात्राओं का नामांकन होता है। डीयू में पहले से एससी और एसटी छात्र-छात्राओं को आरक्षण का लाभ मिल रहा है लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस साल से नामांकन में भी ओबीसी कोटा लागू किया जा रहा है। हालांकि 27 फीसदी आरक्षण को तीन साल में पूरी तरह से लागू करने की व्यवस्था है लेकिन डीयू ने पहले साल ही 27 फीसदी में से 18 फीसदी आरक्षण लागू करने की घोषणा कर दी है। आईआईटी में पहले साल 9 फीसदी कोटा ही लागू किया जा रहा है।