
नई दिल्ली, जासं : निजी बिजली कंपनी बीएसईएस ने बैंकिंग आधार पर 600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का प्रबंध किया है। इसमें कुछ बिजली मिलने लगी है तो कुछ जल्द ही मिलनी शुरू हो जाएगी। उम्मीद की जा रही है, इससे भीषण गर्मी के जून, जुलाई माह में राजधानी वासियों को अघोषित कटौती के झटके कम ही झेलने पड़ेंगे।
जानकारी के मुताबिक मई से अगस्त माह तक 150 मेगावाट बिजली के लिए उत्ताराखंड से करार किया गया है। बीएसईएस ने उत्ताराखंड को इतनी ही बिजली सर्दियों के महीनों में उपलब्ध कराई थी। अब बदले में उसे इतनी ही बिजली उत्ताराखंड से मिलनी शुरू हो गई है। मई से जून तक 200 मेगावाट बिजली बीएसईएस को कनार्टक से मिलेगी। इसके बदले बीएसईएस इतनी ही बिजली कर्नाटक को सर्दियों के महीनों में देगी। इसके अलावा कंपनी को 50 मेगावाट बिजली एक जून से 31 अगस्त के बीच आंध्र प्रदेश से, 100 मेगावाट बिजली मई से अगस्त माह के बीच सिक्किम से और 100 मेगावाट बिजली मई से अगस्त माह के बीच ही पश्चिम बंगाल से मिलेगी। कंपनी प्रवक्ता के मुताबिक इन स्त्रोतों में से कई स्त्रोतों से बिजली मिलने लगी है तो कई स्त्रोतों से जल्द मिलने लगेगी। ऐसे में संभावना है कि गर्मियों में लंबी कटौती के 'झटके' न लगें।