
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : सावन की पहली झड़ी ने उमस से तो कुछ राहत दी, मगर राजधानीवासियों को बिजली कटौती से रविवार को भी राहत नहीं मिली। आलम यह है कि उत्तरी ग्रिड में फ्रीक्वेंसी डाउन हो जाने से आज भी करीब 22 बार कटौती के झटके लगे। हालांकि अधिकतम मांग में 300 मेगावाट तक की गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन तब भी शनिवार की रात और रविवार को दिन भर दिल्लीवासी कटौती की समस्या से दुखी रहे।
गौरतलब है कि उमस भरी गर्मी में उत्तरी ग्रिड से जुड़े सभी नौ राज्यों दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश एवं उत्तरांचल में इन दिनों बिजली की मांग बढ़ी हुई है। यही वजह है कि ग्रिड भी लो फ्रीक्वेंसी की चपेट में आ गया है। फ्रीक्वेंसी का सामान्य स्तर 48.5 हर्टज बरकरार नहीं रह पाने के कारण ही यह बार-बार ट्रिप हो जाती है, उधर गैस टरबाइन एवं इंद्रप्रस्थ पावर सहित राजधानी के अपने ऊर्जा उत्पादन संयंत्र भी पूर्ण क्षमता से कम उत्पादन ही कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक रविवार को बिजली की मांग 3,492 मेगावाट दर्ज की गई। ज्ञात हो कि शनिवार को यह 3,704 मेगावाट दर्ज की गई थी। यानि शनिवार और रविवार की मांग में करीब 300 मेगावाट का अंतर देखा गया। बावजूद इसके कटौती का दौर थमने में नहीं आया। हालांकि जब इस बाबत ट्रांस्को अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने किसी भी तरह के बिजली संकट से साफ इंकार किया व अब भी पर्याप्त बिजली उपलब्धता का दावा किया। साथ ही, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ग्रिड में फ्रीक्वेंसी की समस्या उत्पन्न हो जाने पर कटौती करना मजबूरी हो जाता है।