
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में मनाए गए ईद मिलन समारोह में भी बटला हाउस मुठभेड़ की गूंज सुनाई दी। यह ईद मिलन समारोह यूनिवर्सिटी के डा.एमए अंसारी आडिटोरियम के बाहर मनाया गया और इसकी अध्यक्षता विवि के कुलपति मुशीरुल हसन ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मुख्य अतिथि थीं।
मुख्यमंत्री ने लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बटला हाउस के इस समय जो हालात हैं, उसे दरकिनार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी इस बारे में सोचना चाहिए। हमें किसी भी घटना को किसी संप्रदाय से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसके कारणों पर विचार करना चाहिए। इस समय बटला हाउस की कई जरूरतें हैं। दिल्ली में आतंकी घटना से जो घाव यहां लगे थे और जो हालात यहां पिछले दिनों पैदा हुए थे, उन्हें जामिया विवि ने अब बदल दिया है। उसका यह कार्य प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री डा. शकील अहमद ने अपने एक बयान में कहा है कि देश के ऐसे सांप्रदायिक संगठन जिनसे जाति विशेष की भावना पैदा होती है और जो भाई को भाई से अलग करने का काम करते हैं, वे चाहे किसी भी जाति, धर्म, संप्रदाय से संबंध रखते हों, उनकी सूची तैयार कर केंद्र सरकार उन्हें प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। ऐसा कानून लाने पर कैबिनेट में भी विचार किया जा रहा है। जल्द ही इसे लागू भी कर दिया जाएगा।
इधर, इस मौके पर विवि के कुलपति मुशीरुल हसन ने कहा कि दस दिन के दौरान जामिया विवि को लेकर जो बातें और बवाल पैदा हुआ है, उन्हें उसे लेकर दुख है। देश के बड़े-बड़े लोग यहां से पढ़कर निकले हैं। यहां के छात्र हमेशा से ही शांतिप्रिय रहे हैं और शांतिपूर्ण जीवन बिताने में यकीन करते हैं। ऐसे हालातों के बावजूद हमने आत्मविश्वास नहीं खोया है। कुछ भी करने से पहले पुलिस को और लिखने से पहले मीडिया को देखना चाहिए कि किसी के साथ अन्याय न हो। अंत में लोगों ने नमाज अदा की और एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।