
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : महरौली के सराय मार्केट में 27 सितंबर को हुए बम विस्फोट में घायल एमबीए के छात्र इश्तियाक अंसारी की रविवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे एम्स ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। वह यहां आईसीयू में भर्ती था। उसकी मौत के साथ ही विस्फोट में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। दोपहर में शव का पोस्टमार्टम करा उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव को दफनाने गाजीपुर ले गए। मूल रूप से उत्तार प्रदेश के गाजीपुर जिले का निवासी इश्तियाक जुलाई में ही एमबीए की पढ़ाई के लिए दिल्ली आया था और अपने दो साथी श्याम बहादुर और सत्यजीत चौधरी के साथ महरौली के घिटोरनी में रह रहा था।
असम के गोलाघाट में कपड़े का कारोबार करने वाले इश्तियाक के पिता कहते हैं कि महरौली बम धमाके की सूचना उन्हें टीवी से मिली थी जिसे सुनते ही दिल की धड़कन बढ़ गई। क्योंकि बेटा उसी इलाके में रहता था। देर शाम जब इश्तियाक के दोस्तों ने फोन से बताया कि धमाके में वह भी घायल हो गया है तो हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई। फिर उल्टे पांव दिल्ली के लिए विदा हुआ।
वे बताते हैं कि इलाहाबाद से स्नातक की पढ़ाई के बाद इश्तियाक एमबीए की पढ़ाई के लिए जुलाई में दिल्ली आया और दक्षिणी दिल्ली के सैदुल्लाजाब स्थित इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट कॉलेज में दाखिला लिया था। तीन भाई-बहनों में वह सबसे बड़ा था। उससे छोटा बेटा सद्दाम व बेटी तबस्सुम गाजीपुर में ही पढ़ाई करती है। रविवार की सुबह जब इश्तियाक की मौत की सूचना उसके कॉलेज के दोस्तों व प्रोफेसरों को मिली, सभी एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। प्रो. के. वैद्यनाथन बताते हैं कि इश्तियाक पढ़ने में अच्छा था और वह बेहतर तालीम हासिल कर कुछ अच्छा करना चाहता था, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।
ज्ञात हो कि 27 सितंबर को महरौली के सराय मार्केट में हुए बम विस्फोट में 25 लोग घायल हुए थे जिसमें से संतोष (11) और दीपू (22) की मौत हो चुकी है। इस घटना में घायल 12 लोग फिलहाल एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है। घायलों में स्नेहा, शीतल और विकास नामक तीन बच्चे भी हैं।