
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : 'सिगरेट पियोगे, तो कैंसर हो जाएगा', ये नसीहत देने वाले डॉक्टर साहब ही स्मोकिंग करने के आरोप में जुर्माना भरते दिखें, तो इसे क्या कहें--विडंबना, दुर्भाग्य या 'एंटी स्मोकिंग मिशन' की सफलता? रविवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। न सिर्फ डॉक्टर, पांच मरीजों ने भी धूम्रपान करने के एवज में चालान भुगता। 76 लोगों का सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीने के आरोप में चालान किया गया। उनसे जुर्माने के रूप में कुल 10,845 रुपये वसूल किए गए।
मुख्य पब्लिक हेल्थ आफिसर डॉ. आरपी वशिष्ठ ने बताया कि छुंट्टी का दिन होने के बावजूद दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से गठित धूम्रपान निरोधक दस्ते के सदस्यों ने जगह-जगह धूम्रपान करने वालों का चालान काटा।
आज की कार्रवाई की खास बात ये भी रही कि दस्ते ने 10 ऐसे दुकानदारों का भी चालान काटा, जो 18 साल के कम आयु के किशोर को बेधड़क तंबाकू उत्पाद बेचते पाए गए। अधिकारियों ने दक्षिणी दिल्ली में अलग-अलग दुकानों पर ऐसे 10 किशोरों को नकली ग्राहक बनाकर तंबाकू उत्पाद खरीदने के लिए भेजा, जिनकी आयु 18 साल से कम थी। जैसा कि अनुमान था, दुकानदारों ने उन किशोरों को तंबाकू उत्पादक बेधड़क दे दिया। फिर क्या था, चालान काट दुकानदारों के हाथ में थमा दिए गए।
इसके अलावा, जब दस्ते के अधिकारी नई दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल का दौरा करने पहुंचे तो अस्पताल के एक डॉक्टर, तीन मरीज, दो कर्मचारी और एक सिक्योरिटी गार्ड बेफिक्र होकर सिगरेट व बीड़ी पीते उन्हें मिले। उन सबका चालान किया गया और जुर्माने की राशि वसूल की गई। इतना ही नहीं, जब दस्ते ने पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में दौरा किया तो, वहां भी दो मरीज धुएं का छल्ला उड़ाते मिले। एक डीटीसी बस के ड्राइवर का भी बस में बैठे-बैठे बीड़ी पीने को लेकर चालान किया गया। दस्ते ने रविवार को मुख्य रूप से दक्षिणी, नई दिल्ली और पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों का दौरा कर धूम्रपान करने वालों का चालान काटा।