
कविलाश मिश्र, नई दिल्ली
कृष्णानगर विधानसभा सीट उन सीटों में शामिल है, जिस पर पूरी दिल्ली की नजर है। यहां से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा.हर्षवर्धन चुनाव मैदान में है और उन्हें कांग्रेस की दीपिका खुल्लर चुनौती दे रही है। बसपा ने भी इस सीट पर अपना उम्मीदवार खड़ा किया है और भाजपा का एक बागी भी ताल ठोंक रहा है।
कृष्णानगर को डा.हर्षवर्धन का क्षेत्र कहा जाता है, क्योंकि पिछले तीनों विधानसभा चुनाव में वह अजेय रहे है। 1993 में उनकी जीत 12 हजार मतों से हुई थी। 1998 में उनकी जीत का अंतर घटकर सात हजार रह गया था, लेकिन 2003 में उन्होंने 14 हजार मतों के अंतर से चुनाव जीता था। तीनों बार में उनका मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी रहा। हालांकि, हर बार कांग्रेस के प्रत्याशी बदलते रहे। इस बार भी कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी को बदला है।
इस सीट पर 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। बसपा से कमरुद्दीन और भारतीय जनशक्ति पार्टी से राधा यादव के मैदान में होना कांग्रेस व भाजपा, दोनों के लिए कुछ मुश्किलें पैदा कर सकता है। बसपा की तरफ से कमरुद्दीन के खड़ा होने से भाजपा के लिए रास्ता साफ होता दिख रहा है। कांग्रेस के मुस्लिम वोटों पर बसपा निश्चित ही सेंधमारी करेगी, ऐसा राजनीतिज्ञों का मानना है। भाजपा को एक खतरा अपने बागी व भारतीय जनशक्ति पार्टी उम्मीदवार राधा यादव से है। राधा यादव भाजपा महिला मुक्ति मोर्चा में सक्रिय रही हैं। इसलिए क्षेत्र पर उनकी भी पकड़ अच्छी है। भाजपा की तरफ से पूर्व में क्षेत्र विशेष में जो भी आंदोलन होते थे, उनमें राधा यादव सशक्त भूमिका निभाती रही हैं। साफ है भाजपा के मत पर सेंधमारी राधा यादव की तरफ से होगी।
कांग्रेस प्रत्याशी दीपिका खुल्लर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में एमसीडी चुनाव में उतरी थीं और जीती भी थीं। उन्होंने भाजपा के गुरमीत सिंह को हराया था। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गईं।
आंकड़ों को देखें तो भाजपा को हमेशा यहां 50 फीसदी से ज्यादा मत मिले है। 1993 में भाजपा को 53.94 व कांग्रेस को 32 फीसदी मत मिले थे। 1998 के चुनाव में भी 58.82 फीसदी मत पाने में भाजपा सफल रही थी। इस बार कांग्रेस के मतों में भी पिछली बार की तुलना में 10 फीसदी का इजाफा हुआ था। हालांकि, 2003 के चुनाव में दोबारा कांग्रेस के मतों में गिरावट आई थी। उसे 35.90 फीसदी मत मिले थे, जबकि भाजपा को 59.51 मत मिले थे।
भाजपा प्रत्याशी डा.हर्षवर्धन
डा.हर्षवर्धन अपनी जीत को लेकर निश्चिंत हैं। उनका कहना है कि जनता का अपार स्नेह उन्हें मिल रहा है। पिछले आंकड़े भी उनके पक्ष में है।
कांग्रेस प्रत्याशी दीपिका खुल्लर
दीपिका खुल्लर भी जनता का अपार सहयोग मिलने का दावा कर रही हैं। वो विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही हैं। स्थानीय मुद्दों को लेकर भी वो जनता के बीच आई हैं।