
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : फर्जी कागजात के आधार पर क्रेडिट कार्ड लेकर बैंकों को लाखों का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस की अपराध शाखा ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये फर्जी कागजात देकर बैंकों से क्रेडिट कार्ड लेते थे, जमकर खरीदारी करते थे, नकदी निकालते थे और गायब हो जाते थे। नगर निगम स्कूल का चौकीदार गिरोह का सरगना था। इनसे 173 क्रेडिट कार्ड, 18 ड्राइविंग लाइसेंस और 13 पैन कार्ड बरामद हुए हैं।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त नीरज ठाकुर ने बताया कि स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के एसआई अनिल मलिक को गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। गिरोह पर नजर रखने के लिए इंस्पेक्टर जितेंद्र कुंडू के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। छानबीन के बाद पुलिस टीम ने बुधवार दिन में करीब तीन बजे पीतमपुरा स्थित कार्यालय में दबिश देकर अमित शुक्ला , जसपाल सिंह (28) और प्रकाश अग्रवाल (28) को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ अपराध शाखा थाने में मामला दर्ज किया गया है। तीनों को रिमांड में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
इस धंधे का मास्टर माइंड अमित शुक्ला है। शुक्ला ने बताया कि नि:शुल्क क्रेडिट कार्ड देने की एक बैंक की पेशकश पर उसने कार्ड ले लिया। थोड़े दिनों में उसने क्रेडिट लिमिट बढ़वा ली और अपने परचेजिंग पावर से दोस्तों को प्रभावित करने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात पीतमपुरा निवासी जसपाल से हुई। फिर इन्होंने नकली कागजात पर क्रेडिट कार्ड बनवाने की योजना बनाई जिसमें बकाया चुकाने का झंझट ही न रहे। इन्होंने पंकज को भी साथ ले लिया। फिर दलालों से मिलकर फर्जी कागजात से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए और इसके आधार पर पैन कार्ड फिर इन कागजों से क्रेडिट कार्ड बनवाना शुरू कर दिए। ये क्रेडिट कार्ड से जमकर नगदी निकालते और उससे खरीदारी करते। क्रेडिट लिमिट पूरा हो जाने के बाद वह दूसरे क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने लगते थे। बैंक वाले इनकी तलाश करते रहते लेकिन फर्जी पता व फोन नंबर की वजह से ये पकड़ में ही नहीं आ पाते थे। इन्होंने जसपाल के पीतमपुरा स्थित मकान को अपना अड्डा बनाया हुआ था।