

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सोमवार को उन खबरों से इंकार किया है जिसमें आवास परियोजना-2008 के तहत फ्लैटों के आवंटन में अनियमितता की बात कही गई है। डीडीए के विकास सदन में आयोजित प्रेसवार्ता में कमिश्नर आसमां मंजर व निदेशक नीमोधर ने बताया कि फ्लैटों की ड्रा प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ लोग आवेदन प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर शामिल हो सकते हैं। इसके लिए हर आवंटी को फ्लैट के आवंटन पत्र जारी करने से पहले उनके सभी कागजातों की बहुस्तरीय जांच की जाएगी। जिनके कागजात फर्जी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिन लोगों के आवेदन में कोई खामी नहीं होगी, उन्हें आवंटन पत्र जारी करने के साथ ही फ्लैटों पर कब्जा दिला दिया जाएगा।
आसमां ने कहा कि फर्जी कागजात के जरिए आवेदन करने वालों के फ्लैटों का आवंटन रद्द करने के साथ ही उन लोगों की जमा आवेदन राशि को जब्त कर लिया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। कुछ निजी चैनलों द्वारा पूरे आवंटन को ही रद्द किए जाने व फिर से ड्रा निकाले जाने संबंधी खबरों पर सुश्री आसमां ने स्पष्ट कहा कि ड्रा प्रक्रिया को रद्द करने का डीडीए ने फैसला नहीं लिया है। जिनके कागजात सही हैं, उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। केवल उनके कागजातों की जांच की जाएगी। यह काम 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आवंटन में घोटाला तभी कहा जा सकता है जब एक भी गलत आदमी को फ्लैट पर कब्जा दिला दिया जाए। अभी तो सिर्फ ड्रा निकाले गए हैं। ड्रा से पहले तीन महीने के अंदर छह लाख लोगों के सभी कागजातों की जांच कराना संभव नहीं था। ड्रा को निष्पक्ष करार देते हुए उन्होंने कहा कि डीडीए ने कोई मांग पत्र अथवा आवंटन पत्र अभी तक जारी नहीं किया है। इससे पहले आवंटन प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी ताकि किसी गलत व्यक्ति को आवंटन न हो।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 16 दिसंबर को शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी थी, जिसमें कहा गया था कि कुछ प्रापर्टी डीलरों की डीडीए अधिकारियों के साथ मिलीभगत है। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग में फर्जी नाम से आवेदन किया है। इस संदर्भ में निदेशक जनसंपर्क नीमोधर ने बताया कि पुलिस ने डीडीए से आरक्षित कोटा के ड्रा विजेताओं से संबंधित ब्यौरा मांगा है। इस मामले की जांच किसी भी एजेंसी से कराई जाए, इस पर डीडीए को कोई आपत्तिनहीं है।