
पूर्वी दिल्ली, जागरण संवाददाता : उत्तार-पूर्वी जिले में युवतियों पर तेजाब फेंकने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है। पिछले वर्ष युवतियों पर तेजाब फेंकने की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हुई थीं, वहीं नए वर्ष में भी ऐसी वारदात का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बार भजनपुरा इलाके में बाइक सवार युवकों ने शाईफ्ता और शाहीन नामक सगी बहनों को निशाना बनाया। संयोग अच्छा था कि समय रहते दोनों संभल गई जिससे उनका चेहरा तो नहीं झुलसा, लेकिन कपड़े जरूर जल गए। मामले को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस के आला अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
घटना भजनपुरा इलाके के मौजपुर मेन रोड स्थित अशोक मोहल्ला में हुई। शाईफ्ता और शाहीन सोमवार की रात साढ़े आठ बजे घर जा रही थीं। ये दोनों शादीशुदा हैं। घर से कुछ दूर पहले मोटरसाइकिल से दो युवक सामने से आए। एक के हाथ में बोतल थी जिसे दोनों बहनों ने देख लिया। इनके पास आते ही युवक ने तेजाब भरी बोतल इन पर उड़ेल वहां से फरार हो गए। दोनों युवक हेलमेट पहने हुए थे। समय रहते संभल जाने से दोनों बहनों ने चेहरा छिपा लिया जिससे तेजाब इनके कपड़ों पर जा गिरा। घटना होते ही दोनों बहनों ने शोर मचाया जिससे आसपास के लोग और इनके परिजन मौके पर आ गए। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। तेजाब डालने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी भी पहुंचे। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने हंगामा भी किया। लोगों ने पुलिस पर कई तरह के आरोप लगाए। देर रात दोनों बहनों ने पुलिस को बयान दर्ज करवा दिया। पुलिस इनके बयान के आधार पर छानबीन कर रही है। लेकिन खबर लिखे जाने तक तेजाब डालने वाले युवकों का पता नहीं लगा था। उनके हैलमेट पहने होने से उनकी पहचान भी नहीं हो सकी है। पुलिस मोटरसाइकिल नंबर के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही युवतियों से पूछ रही है कि इनकी किसी से दुश्मनी तो नहीं है।
ज्ञात हो कि भजनपुरा के आसपास के इलाकों में युवतियों पर तेजाब फेंकने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले साल दिसंबर में मेट्रो स्टेशन परिसर में एक युवती पर तेजाब फेंका गया था। इस मामले में भी आरोपी को पुलिस अब तक पकड़ नहीं पाई है। इसके पहले गौतमपुरी और घोंडा में युवतियों पर तेजाब फेंकने की आठ वारदात हुई थी। पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर में हुई ऐसी घटनाओं से इलाके के लोगों में भय बैठ गया था। लड़कियों व युवतियों ने घर से अकेले बाहर निकलना तक बंद कर दिया था। शुरू में पुलिस ने भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी, लेकिन जब मीडिया में यह मामला उछला तो पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस की गश्त बढ़ने और स्थानीय लोगों द्वारा खुद इलाके की चौकीदारी संभालने से नवंबर के बाद गौतमपुरी और घोंडा में दोबारा ऐसी घटना नहीं हुई, लेकिन भजनपुरा में एक बार फिर हुई ऐसी घटना से लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की सबसे बड़ी नाकामी यह है कि पिछली घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों को अब तक पकड़ नहीं पाई है।