

सत्येंद्र सिंह, गुड़गांव : शनिवार शाम दो युवकों ने पुलिस को दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे के राजीव चौक फ्लाईओवर को बम से उड़ाने की धमकी दी। पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गुड़गांव पुलिस कंट्रोल रूम में यह फोन शाम साढ़े छह बजे 9992331819 नंबर से किया गया। सर्विलांस की मदद से तमाम जानकारियां बटोरने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों युवकों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक कॉल करने वाले युवक ने फोन पर कहा कि उसने राजीव चौक फ्लाईओवर के नीचे बम लगा दिया है। ठीक साढ़े सात बजे बम फटेगा। बम इतना शक्तिशाली है कि फ्लाईओवर के साथ-साथ आसपास की इमारतें भी जमींदोज हो जाएंगी। कॉल रिसीव करने के बाद कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मी ने इस बात की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। पुलिस अधिकारी तुरंत हरकत में आए। उन्होंने राजीव चौक के समीप चौकसी बढ़ाने के साथ-साथ कॉल करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने जब उसी नंबर पर फोन किया तो रिसीव करने वाले ने स्वयं को मोकलवास निवासी बताया, लेकिन उसने अपना नाम नहीं बताया। इसके बाद सर्विलांस लगाकर पुलिस ने मोबाइल कॉल की अन्य जानकारियां भी ले ली। मामले की जांच कर रहे सिटी थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह की टीम ने कॉल करने वाले युवक व सिमकार्ड धारक युवक को रात साढ़े नौ बजे राजनगर के पास से हिरासत में ले लिया। जबकि आरोपियों के परिजन उन्हें घर से उठाने की बात कह रहे थे।
एसीपी रामकला का कहना है कि पूछताछ में सामने आया कि धमकी भरी कॉल मोकलवास गांव में रहने वाले 35 वर्षीय धर्मेद्र ने की थी। कॉल जिस फोन नंबर से की गई थी, उसका सिम ऊंचा माजरा निवासी हंसराज के नाम जारी किया गया था। लिहाजा, पुलिस ने उसे भी धर दबोचा। हंसराज धर्मेद्र का रिश्तेदार बताया गया है। एसीपी ने बताया कि दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 170,177 व 505बी के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया है। धमकी भरी कॉल करने के आरोपी धर्मेद्र मीडिया के सामने चीख-चीख कर कह रहा था कि पुलिस को उसने कॉल नहीं की, बल्कि उसके बेटे ने खेल-खेल में 100 नंबर पर कॉल कर दी, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ रहा है। थाने में एकत्र हुए मोकलवास के ग्रामीण व धर्मेद्र के पिता रतन लाल का भी यही कहना था कि खेतीबाड़ी करने वाला धर्मेद्र सीधासादा इंसान है। वह इस तरह का काम नहीं कर सकता। बुजुर्ग दादा रतन लाल को रोते देख धर्मेद्र का 13 वर्षीय बेटा राहुल बिलख उठा। उसने पुलिसकर्मियों और मीडिया के सामने कहा कि पापा ने फोन नहीं किया है। मोबाइल पर वह गेम खेल रहा था और टीवी में इस तरह की खबर आती देख उसने 100 नंबर पर फोन घुमा दिया। कैमरे के सामने गलती स्वीकार करते हुए उसने कहा कि आइंदा वह इस प्रकार की गलती दोबारा नहीं करेगा। वहीं पुलिस अधिकारी उसकी बात को मनगढ़ंत बताते हुए धर्मेद्र द्वारा ही फोन किए जाने की बात कह रहे थे। सही-गलत का फैसला तो अदालत में होगा, पर उन लोगों के लिए यह एक सबक है जो बच्चों को मोबाइल थमा देते हैं या फिर अपने नाम पर जारी सिम किसी दूसरे को प्रयोग करने के लिए दे देते हैं।