
रोहतक, जागरण संवाददाता।
गांव सिंहपुरा कलां में रहने वाली एक मां-बेटी की जहरीला दूध पीने से मौत हो गयी। सदर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव वारिसों के सुपुर्द कर दिये और रविवार दोपहर बाद ज्ञानों देवी एवं उसकी बेटी टिंकू का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने फिलहाल इसे हादसा बताया है, मगर गांव में चल रही तरह-तरह की चर्चाओं को सुनें तो मामला संदेहास्पद नजर आता है। पुलिस अधिकारी भी मान रहे है कि मामले में कुछ पेंच नजर आ रहे है, जो जांच का विषय है।
सूत्रों के मुताबिक जगमेंद्र की पत्नी करीब 45 वर्षीय ज्ञानो देवी एवं उसकी 13 वर्षीय बेटी टींकू ने शनिवार की शाम को खेत से लौटने के बाद गर्म दूध पीया था। इसके कुछ देर बाद ही टींकू का शरीर बुरी तरह अकड़ गया और ज्ञानो की तबीयत भी बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उनको लेकर पीजीआई को चले। इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने पर दोनों को डेड घोषित कर दिया गया। गांव में यह बात पहुंची तो दलित बस्ती में मातम छा गया। देर रात को काफी सारे ग्रामीण एवं सदर पुलिस की एक टीम भी पीजीआई पहुंची। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने अंदेशा जताया कि जिस दूध का सेवन मां-बेटी ने किया था, संभव है कि उसमें कोई छिपकली आदि गिर गयी हो। जिसके चलते दूध जहरीला हो गया और ज्ञानो देवी एवं उसकी बेटी की जान चली गयी। मामले को देखते हुए पुलिस की एक टीम ने गांव पहुंचकर मौका-मुआयना भी किया और बचा हुआ दूध भी कब्जे में ले लिया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है। पोस्टमार्टम में यह खुलासा नहीं हो पाया कि किस किस्म के जहर से मां-बेटी की मौत हुई है, लिहाजा पुलिस मधुबन स्थित फोरेसिक लैब में विसरा जांच कराएगी। पुलिस ने बचे हुए दूध को भी इसी नीयत से कब्जे में ले लिया है। इसकी जांच में यह खुलासा हो पाएगा कि वास्तव में कोई छिपकली गिरी थी या फिर किसी ने दूध में जहर मिला कर हत्या को हादसे की शक्ल देने का प्रयास किया है।