
शिमला : प्रदेश में सेब के विपणन में निजी कंपनियां भी मोर्चे पर हैं। अदानी ग्रुप, रिलायंस, देवभूमि व कोनकोर सरीखे कंपनियों की दस्तक बागवानों को प्रोत्साहित कर रही है। निजी कंपनियों में अदानी ने सर्वाधिक सेब की खरीद की है। राज्य में सेब सीजन आधा हो चुका है व अब तक 1.20 करोड़ से अधिक सेब की पेटियां राज्य से बाहर जा चुकी हैं।
राज्य में बागवानों के घर द्वार पर निजी कंपनियों की दस्तक का लाभ भी दिख रहा है। निजी कंपनियां अच्छे सेब की खरीद करते हुए बगीचों में ही सौदा कर रही हैं। इससे बागवानों को ऊंचे दाम मिल रहे हैं। अदानी ने सेब की खरीद में तेजी लाई है। अदानी बागवानों से अधिकतम 32 रुपये प्रति किलो की दर से सेब खरीद रही है व न्यूनतम दर 12 रुपये प्रति किलो है। वहीं किन्नौर के लिए अदानी ने अधिकतम 34 रुपये प्रति किलो दाम तय किया है। ग्रुप अब तक बागवानों से नौ हजार मीट्रिक टन सेब खरीद चुकी है। खरीद का क्रम जारी है। ग्रुप ने शिमला जिले में तीन स्थानों पर आधुनिक कोल्ड स्टोर स्थापित किए हैं। इसके अलावा ग्रेडिंग-पैकिंग की इकाईयां ठियोग के सैंज, रोहड़ू के मेंहदली व रामपुर के बिथल में स्थापित की गई हैं। ग्रुप की स्टोरेज क्षमता 18 हजार मीट्रिक टन की है।
अदानी ग्रुप शिमला जिले के ठियोग, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू, रामपुर, आनी, दलाश के अलावा किन्नौर जिले से सेब की खरीद कर रही है। ग्रुप के कर्मचारी विभिन्न इलाकों में जाकर बगीचों में सेब का आकलन कर खरीद को तरजीह दे रहे हैं। ग्रुप ने किन्नौर के निचले इलाकों से भी सेब खरीदा है जबकि अपर किन्नौर में अभी सेब सीजन शुरू होने वाला है। इस बार रिलांयस, देवभूमि और कोनकोर भी सेब खरीद रही है।
अदानी ग्रुप के महाप्रबंधक अभय पंत का कहना है कि ग्रुप 9 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद कर चुकी है व खरीद का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला से भी सेब खरीदा जा रहा है। इस बार ग्रुप सभी प्रकार का सेब खरीद रहा है और दाम भी अच्छे दिए जा रहे हैं।