
शिमला : स्क्रब टाइफस का प्रकोप नहीं थम रहा है। राजधानी के अस्पतालों में अब भी इस रोग के मामले आ रहे हैं। आईजीएमसी व रिपन अस्पताल में हाईग्रेड फीवर के रोगी काफी संख्या में आ रहे हैं। रोगियों के टेस्ट करवा कर उपचार किया जा रहा है।
बरसात में स्क्रब टाईफस लोगों को अपने चपेट में ले रहा है। आईजीएमसी में दिन में एक से दो मामले स्क्रब टाइफस के दर्ज हो रहे है। अस्पताल में ऊपरी शिमला, सिरमौर, सोलन, सुन्नी आदि इलाकों से रोगी पहुंच रहे हैं। हाईग्रेड फीवर के रोगी अस्पताल में काफी तादाद में पहुंच रहे है। अस्पताल में हर रोज करीब एक दर्जन हाईग्रेड फीवर के रोगी आ रहे है। रिपन अस्पताल में भी हाईग्रेड फीवर के रोगी उपचार के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक ऐसे सभी संदिग्ध मरीजों के टेस्ट करवा रहे है।
गौर हो कि आईजीएमसी में अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में चार मरीजों की स्क्रब टाईफस से मौत हुई। अस्पताल प्रशासन पहले ऐसे रोगियों की रिपोर्टिग नहीं कर रहा था। इन मौतों के बाद प्रशासन जागा, अब स्क्रब के रोगियों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी जा रही है। उधर, आईजीएमसी के वरिष्ठ अधीक्षक डा. एसएस मिन्हास का कहना है स्क्रब से निपटने के लिए वार्डो में पर्याप्त दवाईयां आवंटित की गई हैं। संबंधित विभागों को रोगियों की रिपोर्ट भी तैयार करने के निर्देश दिए गए है। रिपन अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. जितेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मरीजों के टेस्ट करवाए जा रहे है व उनका उपचार किया जा रहा है।