
संवाददाता, बिलासपुर : ग्राम पंचायत बरोटा के वार्ड-पांच के ग्रामीण वार्ड पंच के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वार्ड पंच की निष्क्रियता के कारण विकास कार्यो के लिए आई धनराशि वापस हो गई हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर वार्ड सदस्य को हटाने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्विरोध चुनी गई इस पंचायत के वार्ड-पांच से सदस्य रतन सिंह को टास के माध्यम से पंच बनाया गया था, लेकिन उक्त सदस्य वार्ड के मतदाताओं व अन्य जनता के हितों की रक्षा करने व सार्वजनिक कार्यो को करने में असफल साबित हुआ है। इसी मसले को लेकर वार्ड के 184 लोगों ने हस्ताक्षर करके ज्ञापन उपायुक्त बिलासपुर को सौंपा तथा न्याय की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है वार्ड सदस्य ने विकास कार्य में रुकावटें डाली जिस कारण पंचायत व वार्ड विकास से अछूता रहा। विकास के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद वार्ड सदस्य ने इससे काम करवाने के बजाए वापस कर दिया। नरेगा के तहत सड़क के निर्माण के लिए आए दो लाख रुपये को इसलिए वापस कर दिया गया कि उक्त सड़क वार्ड सदस्य के घर से होकर नहीं गुजरती। वार्ड के गांव करोट के रास्तों व नालियों के रख-रखाव के लिए आए तीस हजार रुपये भी वार्ड सदस्य की निष्क्रियता के कारण वापस चले गए। ग्रामीणों ने वार्ड पंच पर अनियमितताओं पर कई आरोप लगाए हैं। इस संबंध में वार्ड-पांच के मतदाताओं ने आमसभा बुलाई व पंच को हटाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। प्रेषित ज्ञापन में ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि उक्त वार्ड पंच को हटाकर दोबारा चुनाव करवाए जाएं, ताकि सही व्यक्ति को नेतृत्व का मौका मिले और इलाके का विकास हो सके। ज्ञापन की प्रतिलिपि उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी व स्थानीय पंचायत प्रधान को भी दी है।