
हमीरपुर पीटीए अध्यापकों ने अपने आंदोलन को तेज करने का आगाज हमीरपुर से शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार द्वारा हटाए जा रहे अध्यापकों के विरोध में अब पीटीए अध्यापक अपनी नागरिकता को त्यागने का निर्णय बना चुके है। हमीरपुर में आयोजित पीटीए संघ की बैठक में यह निर्णय लिया गया। संघ के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में करीब 100 पीटीए अध्यापकों ने भाग लिया, जिसमें सभी अध्यापकों ने अपने-अपने पहचान पत्र जिलाध्यक्ष के सपुर्द कर दिए है। जिन्हे रद करने के लिए दो अक्टूबर से पहले राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे। जिलाध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार दोहरी रणनीति अपनाकर पीटीए अध्यापकों का शोषण कर रही है। उन्होंने बताया कि जिस समय उनकी नियुक्तियां की गई थीं उस समय किसी भी द्वारा नियुक्ति का विरोध नहीं किया गया, लेकिन अब परिवारों के मुंह से निवाला छीनने की जो सरकार द्वारा कोशिश की जा रही है वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीटीए नियुक्तियों को लेकर ठोस नीति बनाए तथा नियुक्तियों को बहाल करे। बैठक में उपस्थित प्रशिक्षित पीटीए अध्यापकों ने प्रदेश सरकार से मांग करते कहा कि इन मुद्दों पर गहनता से निर्णय लेकर पीटीए अध्यापकों को राहत पहुंचाए। बैठक में रमेश कुमार प्रधान, विक्रम सिंह उपाध्यक्ष, कुनाल सचिव, वीरेद्र, राजेश, प्रताप, वंदना, पूनम, पवन, रेखा, स्वाति, कमल ठाकुर, अर्चना, चंदन, मधुरानी, कमलेश, रोहित, आज्ञा राम, संजय, राजीव, पंकज सहित लगभग 100 से अधिक पीटीए शिक्षकों ने भाग लिया।