
सुंदरनगर
नगर परिषद सुंदरनगर ने लाखों रुपये के बकाया गृह कर की वसूली के लिए डिफाल्टर लोगों की संपत्ति कुर्क करने का निर्णय लिया है। गृह कर की वसूली नगर परिषद के गले की फांस बन चुका है। कई लोगों ने तो पिछले पांच वषरें में नगर परिषद को गृह कर की एक दमड़ी भी नहीं दी है, जिससे नगर परिषद को लाखों का चूना लगने से उसकी माली हालत भी दिन-ब-दिन खस्ता होती जा रही है। नगर परिषद के तहत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो गृह कर के नाम पर ठेंगा दिखाते आए हैं। गृह कर अदा न करने वाले ग्रामीणों का तर्क है कि नगर परिषद उन्हें कोई भी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं करवाती है। ऐसे में गृह कर देने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। शहर की जनता गृह कर वसूलने के मानकों पर भी सवालिया निशान लगाती आई है तथा मामला कई बार न्यायालय तक पहुंच चुका है। गृह कर का लाखों रुपये न मिलने से नगर परिषद विकास कार्य आगे बढ़ाने में कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तंग माली हालत के चलते स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ व सफाई व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका है। ग्रामीण क्षेत्र की जनता को स्ट्रीट लाइट व सफाई कर्मियों के दीदार नहीं होते।
नगर परिषद गृह कर की वसूली के लिए करीब नब्बे डिफाल्टारों को पिछले कई सालों से नोटिस दे रहा है मगर उनके कानों पर जूं नहीं रेंगी। उधर नगर परिषद अध्यक्ष हुस्न लाल शर्मा का कहना है कि गृह कर अदा न करने वाले नब्बे लोगों की सूची तैयार कर प्रशासन को अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है तथा डिफाल्टरों की शीघ्र संपत्ति कुर्क कर गृह कर की वसूली की जाएगी।