
श्रीनगर, जागरण ब्यूरो :
सुरक्षाबलों ने रविवार की सुबह वादी में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के डिवीजनल कमांडर बरकतउल्ला अंसारी उर्फ हैदर को मार गिराया। इस दौरान चार सैन्यकर्मी भी जख्मी हो गए।
गौरतलब है कि शनिवार को अंसारी उसी मुठभेड़ में बच निकला था जिसमें लश्कर कमांडर कारी उस्मान मारा गया था। अंसारी उर्फ हैदर विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच कोआर्डिनेटर का काम भी करता था। बीते शनिवार को सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि डांगरपोरा सोपोर में आतंकियों का एक दल किसी वारदात की साजिश रचने के लिए आपस में बैठक कर रहा है। इसके आधार पर सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के एक संयुक्त कार्यदल ने आतंकियों के ठिकाने पर दबिश दी थी। इसके बाद हुई मुठभेड़ में लश्कर कमांडर कारी उस्मान मारा गया था जबकि उसके साथ मौजूद दो अन्य आतंकी कमांडर बच निकलने में कामयाब रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि बच निकले आतंकियों का सुरक्षाबलों ने लगातार पीछा जारी रखा। इनमें से एक आतंकी कमांडर ने वारपोरा इलाके में अपने किसी संपर्क सूत्र के घर शरण ले ली थी। 9 पैरा के जवानों ने उस मकान को घेरते हुए जैसे ही उसमें दाखिल होने का प्रयास किया, अंदर से आतंकी ने ग्रेनेड उछालते हुए फायरिंग शुरू कर दी। इसमें चार जवान जख्मी हो गए।
अन्य जवानों ने उसी समय अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। करीब एक घंटे तक गोलियां चलीं। इसके बाद जब अंदर से किसी तरह की फायरिंग नहीं हुई तो जवानों ने वहां तलाशी ली और गोलियों से छलनी एक आतंकी का शव बरामद किया।
बाद में उक्त आतंकी की पहचान जैश-ए-मोहम्मद के डिवीजनल कमांडर बरकतउल्ला अंसारी उर्फ हैदर के रूप में हुई है। हैदर गुलाम कश्मीर का रहने वाला था और बीते पांच साल से कश्मीर में सक्रिय था। वह श्रीनगर से लेकर उत्तरी कश्मीर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय सभी आतंकी संगठनों के आतंकियों के बीच एक कोआर्डिनेटर का काम भी करता था।
संबंधित पुलिस अधिकारियों ने कारी और हैदर की मौत को एक बड़ी कामयाबी करार देते हुए बताया कि मारे गए आतंकियों के पास से दो एसाल्ट राइफल, एक दर्जन एके मैगजीन, 179 कारतूस, दो पिस्तौल, तीन मोबाइल, एक सेटेलाइट फोन व कई दस्तावेज भी मिले है।