
श्रीनगर, जागरण ब्यूरो : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने रविवार को मौजूदा परिस्थितियों में राज्य में चुनाव कराए जाने का विरोध करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया शुरू करने से पहले केंद्र स्थानीय जनता की उम्मीदों और आकंाक्षाओं को पूरा करे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग से बैठक के संदर्भ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आज एक विशेष बैठक बुलाई थी। इसमें मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए सभी नेताओं ने एक प्रस्ताव पारित कर मौजूदा हालात में राज्य में किसी भी तरह की चुनाव प्रक्रिया को अनुचित बताया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि इस समय कश्मीर का अवाम खुद को पूरी तरह निराश, ठगा हुआ महसूस कर रहा है। ऐसे में चुनाव कराए जाने का फायदा कम नुकसान बहुत ज्यादा होगा।
महबूबा ने कहा कि सरकार पीडीपी द्वारा शुरू की गई हीलिंग टच की पालिसी को दोबारा बहाल करते हुए लोगों में सुरक्षा और स्वतंत्रता की भावना का संचार करते हुए उन्हें उस मानसिकता से मुक्ति दिलाए, जिससे प्रभावित होकर आम कश्मीरी खुद को दबा-कुचला महसूस कर रहा है। हमारी हीलिंग टच की पालिसी लागू किए जाने पर इसमें कारगर सहायक होगी।
राज्य में किसी तरह की चुनावी प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व सरकार को चाहिए कि वह लोगों में भारतीय लोकतंत्र के प्रति फिर से आस्था बहाल करने और कश्मीर समस्या के आतंरिक और बाहरी पहलुओं को सभी वर्गो को शामिल कर सुलझाए। लेकिन उसके यह प्रयास सिर्फ कहने के लिए नहीं हों बल्कि वह व्यावहारिक तौर पर वह इन्हें अमल में लाए क्योंकि कश्मीरी अवाम को मौजूदा हालात में जबरन धकेला गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार लोगों की उम्मीदों को पूरा किए बिना चुनाव कराती है तो वह न सिर्फ कश्मीर के लिए बल्कि पूरे देश के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या के आंतरिक पहलुओं को सुलझाने के लिए केंद्र समयबद्ध तरीके से प्रधानमंत्री द्वारा गठित पांच कार्यसमूहों की सिफारिशों पर अमल करे। यहां लागू एएफएसपीए जैसे काले कानून रद करें, हिंसा पीड़ितों के पुनर्वास की पूरी व्यवस्था हो। इसके अलावा एक बाहरी पहलुओं को सुलझाने के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत में सभी संबंधित पक्षों को शामिल किया जाए। उड़ी-मुजफ्फराबाद, सियालकोट-सुचेतगढ़, पुंछ-रावलाकोट, कारगिल-सकर्दु समेत उन सभी परंपरागत रास्तों को आम आवाजाही से लेकर व्यापार के लिए खोला जाए जो कश्मीर को शेष दुनिया से जोड़ते हैं। हाल ही में कश्मीर की हुई आर्थिक नाकेबंदी के मद्देनजर यह बहुत ही जरूरी है।
बैठक में मौजूद पीडीपी नेताओं ने शनिवार को नौहट्टा में पुलिस फायरिंग में युवक की मौत पर शोक जताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इसके साथ ही पीडीपी ने बीते दो माह के दौरान मुजफ्फराबाद मार्च से लेकर लाल चौक में भारत विरोधी धरने और प्रदर्शनों के आरोप में हिरासत में लिए गए सभी युवकों की रिहाई की मांग की है।