
जम्मू, जागरण संवाददाता। सतवारी के करनाला चक्क में गुज्जरों व पुलिस के बीच हुए संघर्ष और इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में कुलों के जलने की जांच राज्य सरकार ने क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने इस भूमि से जुडे़ राजस्व विभाग के रिकार्ड को जब्त कर लिया है। दरअसल भूमि खाली करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था। इस दौरान संदिग्ध हालातों में कुछ कुले जल गए थे। प्राथमिक जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि कुले जलने से कुछ दिन पहले ही बने थे।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने क्राइम ब्रांच को आदेश जारी कर करनाला चक्क में कुले जलने के मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। क्राइम ब्रांच ने आदेश के बाद जांच शुरू कर दी है। दो लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस उन दोनों की भूमिका संदेह के घेरे में देख रही है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने भूमि से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेकर पुलिसकर्मियों के बयानों को दर्ज करना शुरू कर दिया है। प्राथमिक जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया है कि कुले जलने से कुछ दिन पहले ही बनाए गए थे। अधिकारी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
एसएसपी क्राइम ब्रांच जेपी सिंह ने बताया कि उन्हें सरकार का आदेश मिल गया है, जिसमें करनाला चक्कभूमि विवाद की जांच करने को कहा गया है। आदेश के तहत जांच शुरू कर दी गई है। दो लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
गौरतलब है कि 9 मई 2009 को राजस्व विभाग की टीम के साथ सतवारी पुलिस करनाला चक्क में 70.6 कनाल वन विभाग की भूमि खाली करवाने गई थी। इस दौरान पुलिस और गुज्जरों के बीच झड़प हो गई। झड़प में घटनास्थल पर 25 और कुछ दूरी पर 23 कुले जल गए थे। गुज्जरों के प्रदर्शन के कारण पुलिस विभाग की खूब किरकिरी हुई थी। हालांकि सरकारी कर्मचारियों को अपना काम न करने देने के आरोप में सतवारी थाने में छह लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था।