
जम्मू/अमृतसर, जागरण टीम : अमृतसर में दबोचे गए आतंकी बरकत सिंह को पाकिस्तान से भेजी हथियारों की खेप व लाखों रुपयों को बरामद करने के लिए पंजाब पुलिस जम्मू के सीमांत क्षेत्र आरएसपुरा में छापेमारी करेगी। पंजाब पुलिस को आशंका है कि इस मामले में सीमांत क्षेत्र के कुछ युवक भी शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि काउंटर इंटेलीजेंस पंजाब कीस्टेट स्पेशल आपरेशन सेल की टीम ने बुधवार को बस स्टैंड के नजदीक से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकी बरकत सिंह निवासी गांव गढ़ीगढ़ जिला जम्मू को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि वह पंजाब में बलबीर सिंह के नाम से रह रहा था। उसने बकायदा बलबीर सिंह के नाम पर ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर कार्ड भी बना रखा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि 1992 में रंजीत सिंह उर्फ नीटा के साथ मिलकर बरकत ने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स संगठन बनाया था। एक मर्डर केस में नीटा और बरकत सिंह को वर्ष 1995 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। 1996 में उसे कोहला जेल से मुंबई की अदालत में पेशी पर लाया जा रहा था तो नीटा पुलिस हिरासत से फरार हो गया। इसके बाद नीटा विदेश भाग गया और वहीं से बैठकर नेटवर्क चलाने लगा। बरकत वर्ष 2003 में सजा काटकर बाहर आया। इसके बाद वह जम्मू में सीवरेज बोर्ड की ठेकेदारी करने लगा। मगर उसका संपर्क नीटा के साथ बना रहा। नीटा ने उसे जम्मू में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी थी। वह पाकिस्तान से आने वाले हथियारों को जम्मू-कश्मीर के आतंकियों को सप्लाई करने लगा।
सूत्रों के अनुसार बरकत को कुछ दिन पहले ही आरएसपुरा सेक्टर के जरिये नीटा ने हथियारों की खेप के साथ लाखों रुपये भेजे थे। पंजाब में वह आतंकवाद को सक्रिय करने के लिए युवाओं की तलाश में था। हथियारों की खेप अभी जम्मू में ही छुपाई गई है। इस खेप को बरामद करने के लिए काउंटर इंटेलीजेंस की एक टीम जम्मू में छापामारी करने जा रही है। जम्मू पुलिस से पंजाब पुलिस ने संपर्क किया है।
डीआईजी जम्मू फारूक खान ने बताया था कि आतंकी राज्य में अपने पैठ बनाए रखने के लिए अपनी गतिविधियों को जारी रखते हैं, पर पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।