

श्रीनगर, जागरण ब्यूरो
पश्चिमी विक्षोभ ने रविवार शाम से मंगलवार सुबह तक जो रंग दिखाया, उससे न सिर्फ वादी की पहरेदार पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली, बल्कि कश्मीर घूमने आए पर्यटक भी ठंड और बर्फ से पूरी तरह निहाल हो गए।
पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग और खिलनमर्ग समेत वादी के सभी उच्च पर्वतीय इलाके इस समय चार इंच से लेकर दो फुट मोटी परत से ढके हुए हैं, जो देश-विदेश से कश्मीर घूमने आए पर्यटकों को पूरी तरह मदहोश किए हुए हैं।
गुलमर्ग की चोटियों के अलावा पूरा गोल्फ कोर्स भी बर्फ का मैदान बन चुका है। बर्फ पर स्लेजिंग और स्कीइंग शुरू हो चुकी है। पर्यटकों को स्कीइंग व स्लेजिंग करते हुए या फिर बर्फ के साथ खेलते हुए देखा जा सकता है। साल्ट लेक कोलकत्ता से कश्मीर घूमने आई निहारिका चैटर्जी ने कहा कि हम इसी उम्मीद में आए थे कि कश्मीर में खूब बर्फ होगी। हम लोग कल से ही यहीं पर है और हमारे सामने ही हिमपात हुआ है। मैने पहली बार बर्फ गिरते देखी है।
स्लेज पर बार-बार फिसलने का आनंद लेने केबाद अपने साथियों को भी इसका मजा लेने को उकसा रहे लुधियाना निवासी राजेश ने कहा कि हम तीन दिन पहले ही कश्मीर अपने एक काम के सिलसिले में आए थे। इसी दौरान हमने गुलमर्ग आने का मन बनाया और यहां आकर लगा कि हमने सही किया है। सर्दियों में इससे बेहतर नजारा और ठंड कहीं नहीं हो सकती। हालांकि मैं गुलमर्ग श्री अमरनाथ की यात्रा के दौरान आ चुका हूं, लेकिन बर्फ से अटा गुलमर्ग बिल्कुल निराला है, 'पा-जी मजा आ गया।'
सुब्रतो नामक एक अन्य पर्यटक ने कहा कि गंडोला की सैर करते हुए नीचे बर्फ बर्फदेखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे हम बर्फ की दुनिया में कहीं आ गए है। मेरे दोनों बच्चे भी बहुत खुश है। हालांकि हमारा गुलमर्ग में रूकने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन हिमपात का पूरा नजारा लेने के लिए हमने यहीं होटल में बुकिंग करा ली। दो दिन यहीं पर रुकेंगे।
इरशाद नामक एक स्थानीय दुकानदार ने कहा कि इस बार जिस तरह से बर्फबारी हुई है, उससे लगता है कि हमारा सीजन खूब रहेगा। रविवार से ही यहां टूरिस्टों का खूब दौर चल रहा है। आप किसी से भी बात करो, उसके पास फुर्सत नहीं होगी, क्योंकि पर्यटकों के अलावा फिलहाल किसी और से बातचीत में हमारी अब दिलचस्पी नहीं। हमारी कमाई के यही दिन हैं।