
देवघर। बारिश व शिवभक्ति के लिए मशहूर सावन महीना को लेकर बाबा नगरी चहल पहल शुरू हो गयी है। श्रावणी मेला 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। बारिश शिवभक्ति एवं सावन का महीना लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। खास कर बाबाधाम में इसकी शमां कुछ अलग दिखती है। मेला के मद्देनजर पंडा-पुजारी, व्यवसायी, जिला व पुलिस प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारी में जुट गये है। एक प्रकार से कहे तो मेला की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सावन का महीना अपने आप में अहमियत रखता है। मदमस्त सावन के आने से किसान झूम उठते है और हल बैल लेकर खेत में निकल पड़ते है।
शिवभक्ति के लिए मशहूर सावन का महीना बाबाधाम के लिए एक अलग कशिश लाता है। यहां के लोग एक महीना कमाते है और साल भर बैठकर खाते है। श्रावणी मेला इनके लिए आर्थिक जीवन रेखा के समान है। वैसे भी देवघर में कोई उद्योग नहीं है। मंदिर उद्योग ही एक मात्र सहारा है। इसलिए कहा जाता है कि 'बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है'। पंडित-पुजारी साल भर से सावन का इंतजार करते है तो शिवभक्त भी सावन आने के लिए दिन गिनते रहते हैं। यहां के व्यवसायी, दुकानदार, होटलवाले, रिक्शा वाले सभी को सावन भाता है। पाकेटमार भी सावन आने का दिन गिनते है। सावन महीना आते ही सबका मन मोर की तरह नांच उठता है। सावन आयो रे...सावन आयो रे के निनाद सुनने को मिल रहा है। बाबाधाम सही मायने में अब सावन की भक्ति सागर में डूबने उतरने लगा है। सबको इंतजार है 18 जुलाई का जब बोलबम का अंतहीन सिलसिला शुरू हो जायेगा।