
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। प्रशासन द्वारा मेला व्यवस्था को अंतिम रूप देने का प्रयास जारी है। कांवरिया पथ दुम्मा से लेकर बीएड कालेज तक कांवरिया पड़ाव स्थलों पर कार्य जारी है और पंडाल निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मालूम हो कि श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने के लिए स्थानीय बीएड कालेज परिसर से जलसार रोड, बीएन झा रोड, मानसरोवर होते हुए मंदिर स्थित संस्कार मंडप तक कांवरियों की कतार लगती है। जिसके तहत कांवरियों को बारी-बारी से जलाभिषेक के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया जाता है। ज्ञात हो कि कालेज परिसर में भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। उधर मेला क्षेत्र के विभिन्न भागों में जहां एक ओर जिला प्रशासन द्वारा पंडाल निर्माण का कार्य किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों की ओर से पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। कांवरिया पथ में विभिन्न प्रशासनिक शिविरों के अलावे स्वास्थ्य शिविरों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाबाधाम पहुंचनेवाले तीर्थयात्री दर्शनियां में रुकते है। यहां से बाबा का पंचशूल दिखाई पड़ता है। इसलिए स्थल का नाम दर्शनियां रखा गया है। कांवरिए यहां रुक कर बाबा के पंचशूल का दर्शन करते है तथा नाचने लगते है।