

जमशेदपुर। सरकार द्वारा गरीब स्कूली छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिये जाने वाले साइकिल और स्कूल ड्रेस प्रखंड कार्यालय में पडे़-पडे़ सड़ रहे हैं। लेकिन 'जिम्मेदार' पदाधिकारियों को इसका आभास तक नहीं है। गोदाम में रखे-रखे साइकिलों में जंग लग रहा है तो बोरों में लंबे अरसे से बंद पड़े स्कूली ड्रेस को चूहे कुतर रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि शिक्षा के प्रसार व छात्राओं के कल्याण के लिए सरकार की कल्याणकारी योजना के तह उपलब्ध कराये गए इन सामानों का जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय में खूब 'कल्याण' हो रहा है। लाखों की लागत से खरीदे गये साइकिल व स्कूली ड्रेस सड़ रहे हैं और जिम्मेदार पदाधिकारी सो रहे हैं।
छात्राओं के बीच वितरण न होने के कारण प्रखंड कार्यालय के स्टॉक में धीरे-धीरे साइकिल की संख्या इतनी बढ़ गई है कि इन्हें रखने के लिए जगह कम पड़ने लगे है। प्रखंड कार्यालय में रखे जनरेटर के बगल में बिखरी अवस्था में पड़े साइकिल का नजारा देख कर इनकी हालात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कर्मचारी बताते हैं कि प्रखंड कार्यालय में जगह की कमी के कारण साइकिल व स्कूली ड्रेस से भरे बोरों को करनडीह स्थित छात्रावास में भी रखा गया है। ये स्कूल ड्रेस कक्षा एक से 8 तक के गरीब छात्राओं के बीच वितरण के लिए हैं। लेकिन ये बांटे जाएं तब तो।
पड़े-पड़े सड़ रहे साइकिल व स्कूली ड्रेस के बारे में पूछे जाने पर प्रखंड कार्यालय के पदाधिकारी स्वीकारते हैं कि गोदाम में 16 से 17 बोरा स्कूल ड्रेस पडे़-पड़े सड़ रहे है। इनमें से बदबू भी आ रही है। साथ ही करीब 500 साइकिलें भी रखे-रखे जंग खा रहीं हैं। सरकारी महकमों का अगर यही रवैया रहा तो सरकार द्वारा स्कूली छात्राओं के लिए चलायें का रहे योजना का लाभ जरूरतमंदों को कभी नसीब नही हो पायेगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार के शहर से बाहर होने के कारण उनसे इस बाबत सम्पर्क नही किया जा सका।