
जमशेदपुर। बांगला को राज्य की द्वितीय राजभाषा के रूप में मान्यता दिलाने की मांग करने हुए बंगाली एसोसिएशन ने मंगलवार को प्रतिवाद दिवस मनाया। इसके तहत एसोसिएशन के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय पर एकदिवसीय धरना दिया गया। धरना के बाद एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त रवीन्द्र अग्रवाल से मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा। धरना स्थल पर एसोसिएशन के सदस्यों ने बांगला भाषी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों के प्रति झारखंड सरकार के नकारात्मक भूमिका पर चिंता जतायी है। संगठन का कहना है कि 19 अगस्त 2004 को ही तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बांगला को राज्य की द्वितीय सरकारी भाषा बनाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन चार वर्ष बाद भी इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है। अब धीरे-धीरे बांगला माध्यम विद्यालय बंद किये जा रहे, शिक्षक का नियोजन बंद हो रहा, बांगला पुस्तकों का छपना भी बंद कर दिया गया है। एसोसिएशन ने राज्य में बांगला को द्वितीय राजभाषा के रूप में मान्यता देने, बांगला अकादमी की स्थापना, बांगला विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, भाषाई अल्प संख्यकों को धार्मिक अल्प संख्यक के समान अधिकार देने, आल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बांगला भाषा के लिए समय देने की मांग की गयी है। धरना स्थल पर भवेश देव, राजेश महतो, गौतम मुखर्जी, मिठु डे, अपु डे, बबला चंद्रा, सुब्रा पाल, बेबी दास, पारितोष महतो, राजेश राय, शक्ति चक्रवर्ती, एन दास, कृष्णा सरकार, एनसी दास आदि उपस्थित थे।