
दुमका। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के मौके पर गुरुवार को विधिवत अनंत भगवान की पूजा-अर्चना की गयी। इस दौरान शहर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी।
बासुकिनाथ संवाद सूत्र के अनुसार जरमुंडी प्रखंड में अनंत भगवान की पूजा की गयी। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन लाल या पीले रंग के गंडेनुमा धागा की पूजा विष्णु भगवान की मूर्ति के समक्ष कलश स्थापित कर की जाती है। चौदह गांठों से युक्त अनंत सूत्र रखकर अनंतायानम: मंत्र से भगवान विष्णु तथा अनंत सूत्र की षोड्शोपचार विधि से पूजा करने के पश्चात अनंत सूत्र को मंत्र पढ़कर पुरुष अपने दाहिने एवं स्त्री बायें हाथ में बांधती है। पंडित आशुतोष झा ने बताया कि जब पांडव राज-पाठ हाकर वन में कष्ट भोग रहे थे तभी भगवान विष्णु के सलाह पर धर्म राज युधिष्ठिर से अनंत सूत्र धारण किया और अनंत चतुर्दशी के प्रभाव से सभी संकटों से दूर हुए। इस अवसर पर बासुकिनाथ मंदिर परिसर में हजारों भक्तों ने अपने पुरोहितों से अनंत सत्र धारण किया। इधर इस पावन मौके पर करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा पर जलाभिषेक किया।