तिसरा : कुजामा को लोदना में विलय करने पर मजदूरों में आक्रोश है। उन्होंने सोमवार को कुजामा कोलियरी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।
इस दौरान सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके बख्शी ने कहा कि बिना वार्ता के प्रबंधन कोलियरियों के विलय का एकतरफा फैसला कर रहा है। कुजामा कोलियरी का विलय लोदना क्षेत्र में करने का प्रचंड विरोध होगा। विलय वापस नहीं हुआ तो बस्ताकोला क्षेत्र का चक्का जाम भी करेंगे।रुद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एलबी प्रकरण कुस्तौर में हुआ। बस्ताकोला इसे क्यों भुगते। कुजामा से बस्ताकोला को मुनाफा हो रहा है। संयुक्त मोर्चा विलय के विरोध में आंदोलन जारी रखेगा। मांग पत्र कुजामा प्रबंधन को दिया गया। यहां राजेंद्र पासवान, तुलसी रवानी, अशोक पांडेय, उदय सिंह, चुन्नू सिंह, अजय पासवान, सुरेंद्र पासवान थे।
विलय की प्रक्रिया शुरू
कुजामा कोलियरी के विलय की प्रक्रिया प्रबंधन ने शुरू की है। घनुडीह परियोजना पदाधिकारी गंगाधर महतो व कुजामा के प्रबंधक यूके मांझी ने कुजामा कोलियरी के अंतर्गत काम करने वाले मजदूरों की सूची लोदना क्षेत्रीय प्रबंधन को सौंपी। लोदना सेल्स अधिकारी एन आलम सोमवार को सीके साइडिंग आये। साइडिंग का निरीक्षण किया। कहा कि लोदना क्षेत्र के अधीन साइडिंग अब आ गई है।
लोदना क्षेत्र में इनका होगा विलय
सीके साइडिंग, कुजामा कोलियरी कार्यालय, कुजामा अस्पताल, लिब्रा आउट सोर्सिग स्थल, कुजामा वे ब्रिज के अलाव मोहरीबांध, दुर्गापुर, पांडेयबेरा, नदी पार कुजामा लोदना में आ गए हैं।