
ओंकारेश्वर/खण्डवा। चुनाव से पहले भाजपा के प्रति जनता का मानस तैयार करने जनआशीर्वाद यात्रा पर निकले शिवराज सिंह चौहान सफल होते दिख रहे है। उन्हे देखने और उनकी बातें सुनकर हामी भरने के लिए जवान ही नहीं बच्चे, बूढ़े और महिलाएं भी न दिन देख रहे है और न ही रात। झमाझम बरसात हो या बूंदाबादी, भीगते इसान मुख्यमंत्री का स्वागत करने पुष्पवर्षा करते दिखते है। रविवार को धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिग का आशीर्वाद लेकर फिर जनता का आशीर्वाद लेने की यात्रा में शिवराज पूरी तरह जनता के बने रहे।
हो सकता है कि यह प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री द्वारा पद पर रहते हुए सड़क मार्ग से की गई पहली रथयात्रा का कमाल हो। भाजपा संगठन की तैयारियों और उसके कार्यकर्ता का योगदान भी इसमें कम नहीं है। तैयारी ही थी, जो काग्रेसी दिग्गज सुभाष यादव के गृह नगर कसरावद के नगर पंचायत मैदान में इतने लोग जमा थे कि अधिकाश के लिए अपनी जगह से हिलना तक मुश्किल था। खरगौन के मैदान में पूरी तरह भीगकर सूखा जनसमूह घटों मुख्यमंत्री का इतजार करता रहा। ओंकारेश्वर की सभा भी शक्ति प्रदर्शन के मामले में खरगौन से पीछे नहीं रही। यहा लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सिपहसालार रमेश मेंदोला और इदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष मधु वर्मा के बीच भीड़ जुटाने की जंग थी। जीत हुई शिवराज और भाजपा की। यह है बड़ी सभाओं का हाल। गावों से गुजरते रथ को देख खुद जुटने वाले हर गाव में मिले। रात एक बजे भी लोग हाथ जोड़े प्रदेश के मुखिया को अपने विनतीपत्र सौंप रहे थे और वे प्रेम से ले रहे थे। जनता के हित की तमाम योजनाएं और बातें करते मुख्यमंत्री, जनता दिखी नहीं कि उससे मिलने से खुद को नहीं रोक पाए। लाड़ली लक्ष्मी के मामा मुख्यमंत्री ने छोटे से सुलगाव में लोगों की माग पर हाईस्कूल देने में देर नहीं लगाई। इससे पहले सनावद में चुनाव बाद आईटीआई खोलने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि अभी करेगे तो आचार संहिता के कारण काम शुरू नहीं हो पाएगा। नए जिले और तहसील बाटने में माहिर हो चुके मुख्यमंत्री ने सनावद को जिला बनाने की माग वाजिब कारण बताते हुए सिरे से ठुकरा दी। ढाई साल में ढाई घटे से ज्यादा शिवराज सोया नहीं कहते हुए, वे हर जगह भाजपा सरकार बनाने के लिए आशीर्वाद मागते है और हासिल भी कर लेते है। मुख्यमंत्री के तौर पर पंचायतों के जरिए जनता को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने की परिपाटी शुरू करने वाले शिवराज कहते है कि मैं जनता का हू और जनता मेरी है। इसके बीच न तो उन्हे सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति पसंद है और न ही किसी नेता का व्यवधान। यात्रा के सातवें दिन इसी तरह बढ़ता शिवराज का रथ गावों की जरूरत की छोटी-छोटी सौगातें बाटने के साथ भरपूर बिजली देने का आश्वासन भी दे रहा था। उनके रथ की इस गति के आगे कई जगह काग्रेस का संकल्प रथ अकेला किनारे खड़ा दिखता है। जनता भी यह देख रही है और भाजपा का कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से हाथ मिलाकर उत्साह से लबरेज हो रहा है।