
कटक। बाढ़ से राज्य में इस साल हुए नुकसान से राज्य सरकार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जबकि बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ चली योजनाओं में घोटाला होने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि इस घोटाले के बावत उच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया गया है। सूत्रों की माने तो हाईकोर्ट में दायर शिकायत से मंत्री मनमोहन सामल की उलझने एक बार फिर बढ़ गयी है। बता दें कि मंत्री के विरुद्ध विधानसभा में महिला यातना मामला अभी थमा भी नहीं है कि उनके विरुद्ध बाढ़ प्रभावितों की योजनाओं में घोटाला करने का आरोप लगाया गया है। उक्त याचिका रामनगर चुनाव क्षेत्र के एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में दाखिल की है, जिसे हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस जनहित याचिका की सुनवाई को उच्च न्यायालय ने खण्डपीठ के माध्यम से किए जाने का भी निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि इस साल बाढ़ में व्यापक क्षति हुई थी। खासकर भद्रक जिला के 23 पंचायतों के रास्ता एवं अन्य कार्य के लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपये मुहैया कराये थे। इस रकम को पंचायत में विकास कार्य में लगाने के बजाय राजस्व मंत्री मनमोहन सामल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए प्रशासन को प्रभावित कर कम प्रभावित अन्य 9 पंचायतों में खर्चा करा दिया। जिसके चलते प्रभावित 23 पंचायतों में विकास कार्य ठीक से नहीं हो पाया था। इन सब कार्यो में व्यापक धांधली होने का आरोप लाते हुए रवीन्द्र जेना नामक एक व्यक्ति नामक कुल 23 लोगों ने हाईकोर्ट में एक मामला दायर किए है। आवेदनकारियों के आरोप मुताबिक मंत्री कुछ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित कर अपने वोट बैंक को सही सलामत रखने के लिए इस तरह का कदम उठाए है। इस लिए इस घटना की विजिलेंस जांच की मांग कर वे उच्च न्यायालय में आवेदन दायर किए है।