
भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता : निजी बस मालिक संघ और सरकार के बीच दो दौर की वार्ता नाकाम हो जाने के बाद सोमवार की देर शाम सरकार ने बस हड़ताल पर एस्मा लागू कर दिया। अगले छह माह तक एस्मा लागू रहेगा। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। उधर बस हड़ताल जारी है। इससे लगभग 4 लाख यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
उधर आल उड़ीसा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन यानी एओपीबीओए ने कहा है कि नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इण्डिया यानी एनएचएआई द्वारा बनाए गए टोल वसूली व्यवस्था पर राज्य सरकार जब तक कोई निर्णय नहीं लेती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। एओपीबीओए का कहना है कि एनएचएआई द्वारा व्यवस्थित टोल टैक्स के बाबत सालाना 6 करोड़ रुपये देने पड़ते है।
एओपीबीओए के प्रवक्ता देवाशीष नायक ने कहा कि राज्य सरकार संपृक्त राशि में से 3.5 करोड़ रुपये प्रदान करेगी तो बस चलाना संभव हो पाएगा। सरकार के साथ एओपीबीओए का बार बार वार्ता विफल होने से लगभग 6 हजार प्राइवेट बसों का चक्का जाम हो गया है। इसका पूरा फायदा टैक्सी, आटो जैसे वाहन चालक उठा रहे है। विभिन्न ट्रावेल एजेंसियों में अब गाड़ियों की कमी दिख रही है। दोगुने दाम पर यात्रियों को टैक्सी और आटो सेवा लेनी पड़ रही है। राज्य के कुछ अंदरुनी इलाकों से यात्रियों को ट्रेन के भरोसे रहना पड़ रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि 5-6 घंटों तक का रास्ता यात्रियों को खड़े होकर तय करना पड़ रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लगभग सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को लोकल स्टेशनों पर रुकना पड़ रहा है।