
संवाद सूत्र, आनंदपुर साहिब : चिथड़ों में लिपटी 80 वर्षीय फीनो ने अपने दोनों बेटों की परवरिश में कोई कसर नहीं छोड़ी। दोनों बेटों को नौ-नौ महीने कोख में रखा, जन्म दिया, उंगली पकड़कर चलना सिखाया यह सोचकर कि बड़े होकर उसके दोनों बेटे उसकी बुढ़ापे की लाठी बनेंगे, लेकिन उन्हीं बेटों ने उसे दर-दर की ठोकरें खाने के लिए बेघर कर दिया। आज फीनो खुद को भी ठीक से नहीं संभाल सकती। वक्त और उम्र की मार ने तो केवल उसके शरीर को कमजोर किया, लेकिन उसका कलेजा छलनी किया उसके दोनों बेटों के व्यवहार ने, जो पैसे की हवस में इस कदर अंधे हो गए कि उन्हें अपने सीने से लगाकर अमृत सरीखा दूध पिलाने वाली मां भी बोझ लगने लगी। आजकल फीनो तख्त श्री केसगढ़ साहिब में सेवादारों के रहमोकरम पर जी रही है। फीनो के नाम अमृतसर में कई एकड़ जमीन थी, लेकिन जिस फीनो का दूध उसके बेटों की रगों में लहू बनकर दौड़ रहा है, उन्हीं बेटों ने उसे खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया और सारी जमीन अपने नाम करवाकर फीनो को घर से निकाल दिया। फीनो का एक बेटा बटाला में और दूसरा अमेरिका में रहता है। फीनो का एक पोता तरसेम सिंह अजनाला में सीआईडी इंस्पेक्टर है।
घर से निकाले जाने के बाद फीनो इधर-उधर भटकती रही। कई माह पहले जालंधर रेलवे स्टेशन पर अधमरी हालत में पड़ी फीनो पर एक दिन हेल्प लाइन संस्था की नजर पड़ी। इस संस्था की सदस्य बीबी राजिंदर कौर ने बताया कि हेल्प लाइन संस्था ने फीनो की सेवा की व उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। उसका पूरी तरह इलाज करवाया। जब समाचार पत्रों में फीनो के बारे में खबर छपी तो उसका पोता उसे अपने घर ले गया। लेकिन कुछ समय बाद ही उसे फिर घर से निकाल दिया गया।
हाल ही में तख्त श्री केसगढ़ साहिब माथा टेकने आई बीबी राजिंदर कौर ने जब फीनो को यहां देखा तो वह हैरान रह गई। उन्हें पता चला कि फीनो यहां कई सप्ताह से रह रही है। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर ने बताया कि यह औरत अपने आप को भी नहीं संभाल पाती है और जगह-जगह गंदगी फैला देती है। औरत होने के नाते सेवादारों को भी उसकी देखभाल करने में मुश्किलें पेश आती हैं। हालांकि सेवादार अपने तरफ से उसका पूरा खयाल रखते हैं, लेकिन फीनो को अपनों का साथ नहीं मिला और उम्र के इस पड़ाव पर वह अपनी जिंदगी इसी बदहाली में गुजारने पर मजबूर है।
इस संबंध में हेल्प लाइन संस्था जालंधर के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, डा. रवि वर्मा आदि से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह रूपनगर जिला प्रशासन से इस मामले की गहराई से जांच करने की मांग करते हैं। उधर, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी त्रिलोचन सिंह, प्रिंसीपल केवल सिंह, वरिष्ठ लेक्चरार एसपी सिंह, गुरविंदर सिंह भुल्लर, कुलवंत सिंह मियांपुरी आदि ने कहा कि जन्म देने वाली मां के साथ इस तरह का बर्ताव करने वाले कुपुत्रों का सामाजिक बायकाट कर देना चाहिए।